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सोमवार, 29 जनवरी, 2007 को 19:46 GMT तक के समाचार

बांग्लादेश चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया है कि चुनाव कम से कम तीन महीने तक चुनाव नहीं हो सकते जब तक कि मतदाता पंजीयन प्रक्रिया में सुधार न हो जाए.

इस फ़ैसले के साथ ही हाईकोर्ट ने चुनाव आयुक्त को भी नोटिस जारी करके पूछा है कि चुनाव के पहले मतदाता सूची में सुधार क्यों नहीं किए गए.

उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में इसी महीने की 22 तारीख़ को चुनाव होने थे लेकिन विपक्ष इसका विरोध कर रहा था.

वहाँ अंतरिम सरकार प्रशासन संभाले हुए है और सरकार की ओर से चुनाव पहले ही टाले जा चुके हैं.

सोमवार को हाईकोर्ट का फ़ैसला एक नागरिक की याचिका पर आया है.

मनुमूर राशिद ने अपनी याचिका में कहा था यदि मतदाता सूची का नवीनीकरण नहीं किया जाता है तो यह संविधान का उल्लंघन होगा.

हाईकोर्ट ने मतदाता पंजीयन प्रक्रिया में सुधार करते हुए मतदाता सूची के नवीनीकरण के आदेश दिए हैं.

हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनाव आयोग ने चुनौती नहीं दी है.

उथल-पुथल

बांग्लादेश में पिछले कोई छह महीने से राजनीतिक उथल-पुथल चल रही है.

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने अंतरिम प्रशासन को अक्तूबर में सत्ता सौंपी थी.

अंतरिम सरकार को पहले राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद संभाल रहे थे.

अंतरिम सरकार ने देश में आपातकाल लगाने की भी घोषणा कर दी थी और चुनाव टाल दिए थे.

उन्होंने यह फ़ैसला विपक्षी दलों के लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद लिया था. इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई थी.

विपक्षी दलों का कहना था कि अंतरिम सरकार चुनाव सुधारों के बिना चुनाव करवाकर धाँधली कर रही है.

राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद ने अंतरिम सरकार के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देते हुए फ़ख़रुद्दीन अहमद को अंतरिम सरकार के नए मुखिया के रुप में शपथ दिलाई थी.

बाद में बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एमए अज़ीज़ ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था क्योंकि अंतरिम सरकार ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी विवादास्पद अधिकारियों से इस्तीफ़ा देने के लिए कहा था.

फ़ख़रुद्दीन अहमद ने जल्दी ही चुनाव करवाने का आश्वासन दिया है.