शनिवार, 27 जनवरी, 2007 को 06:46 GMT तक के समाचार
श्रीलंका की सेना का कहना है कि उसने शनिवार तड़के राजधानी कोलंबो के तटवर्ती क्षेत्र में तीन नौकाओं को नष्ट कर दिया.
सेना के अनुसार आशंका थी कि ये नौकाएँ तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई की थीं और इनसे कोलंबो की बंदरगाह पर हमला हो सकता था.
वर्ष 2002 में श्रीलंका की सरकार और तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई के बीच दो दशक की हिंसा के बाद संघर्षविराम हुआ था.
चाहे ये संघर्षविराम अब भी जारी है लेकिन पिछले कई महीनों से हिंसा लगातार बढ़ रही है और पिछले साल में ही हुई हिंसा में 3500 लोग मारे गए है.
पिछले साल अक्तूबर में तमिल चरमपंथियों ने गैले बंदरगाह पर हमला किया था जिसमें दो लोग मारे गए थे.
'चेतावनी दी गई थी'
श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि नौकाओं पर तब हमला किया गया जब प्रतिबंधित क्षेत्र में उन्हें रुकने का आदेश दिया गया लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में कितने लोग हताहत हुए हैं लेकिन स्थानीय लोगों ने भीषण गोलीबारी की आवाज़ सुनने की बात कही है.
नौसेना का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में तीन नौकाओं को आते देखा गया लेकिन जब उन्हें चुनौती दी गई और चेतावनी के तौर पर गोली चलाई गई तो इसका उन पर कोई असर नहीं हुआ.
फिर नौसेना ने एक नौका पर गोलीबारी की और उसमें धमाका हुआ जिससे वह नष्ट हो गई.
इसके बाद दो अन्य नौकाएँ वापस जाने लगीं लेकिन नौसेना ने उनका पीछा किया और उन्हें भी नष्ट कर दिया.
राष्ट्रीय सुरक्षा के मीडिया सेंटर के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसियों को बताया, "स्पष्ट है कि ये तमिल विद्रोहियों की नौकाएँ थीं. लेकिन फ़िलहाल शायद ये नहीं कहा जा सकता कि ये आत्मघाती हमला था."