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गुरुवार, 25 जनवरी, 2007 को 08:41 GMT तक के समाचार

परमाणु संयंत्रों की स्थापना पर सहमति

भारत और रूस के बीच चार परमाणु संयंत्रों की स्थापना पर सहमति हुई है.

भारतीय की यात्रा पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात के बाद भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ावा दिया जाएगा.

रूसी राष्ट्रपति 26 जनवरी को आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे.

भारत रूस के बीच ताज़ा समझौते की मुख्य बातें

इसके अलावा भारत और रूस के बीच यात्री और लड़ाकू विमानों के साझा निर्माण पर भी सहमति हुई है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिन की भारत यात्रा के पहले दिन दोनो देशों ने व्यापार, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, उच्च तकनीक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के बारे में प्रतिबद्धता भी जताई है और नौ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं.

समझौते

समाचार एजेंसियों के अनुसार भारत और रूस ने रक्षा, व्यापार, परमाणु ऊर्जा, सांस्कृतिक क्षेत्रों से संबंधित नौ महत्वपूर्ण सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए.

भारत-रूस के बीच अहम समझौते

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तमिलनाडु के कुंडाकुलाम समेत कई अन्य जगहों पर परमाणु संयंत्र लगाने पर सहमति हुई.

ग्लोबल नेविगेशन एंड सेटेलाइट सिस्टम यानि अंतरिक्ष में उपग्रह व्यवस्था के सिलसिले में भी सहयोग बढ़ाने के बारे में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए.

राष्ट्रपति पुतिन ने उम्मीद जताई कि भारत और रूस के बीच व्यापार में आने वाले दिनो में कम से कम बीस प्रतिशत वृद्धि होगी.

ये भी तय हुआ कि वर्ष 2008 भारत में रूस के वर्ष के तौर पर मनाया जाएगा और वर्ष 2009 रूस में भारत के वर्ष के तौर पर मनाया जाएगा.

चीन का मामला

दोनो नेताओं की बातचीत के बाद संवाददाता सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछा गया कि वे चीन के उपग्रह मिसाइल से नष्ट करने के परीक्षण को किस तरह देखते हैं?

राष्ट्रपति पुतिन का कहना था कि अंतरिक्ष हथियारों से मुक्त ही रहना चाहिए लेकिन चीन ऐसा परीक्षण करने वाला पहला देश नहीं है.

उनका कहना था कि ऐसा पहला परीक्षण 1980 के दशक में हुआ था.

लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि बेहतर यही होगा कि इस जिन्न को बोतल में बंद ही रहने दिया जाए.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत हथियारों से मुक्त अंतरिक्ष के पक्ष में है.

रूसी राष्ट्रपति का ये भी कहना था कि रूस, भारत और चीन के रिश्तों और सहयोग के बारे में भी दोनो नेताओं ने बातचीत की है.

उनका कहना था कि तीनों देशों को आर्थिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और आपस में सौहार्दपूर्ण तरीक़े के काम करने के तरीक़े भी खोजने होंगे.