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गुरुवार, 25 जनवरी, 2007 को 17:29 GMT तक के समाचार

अमरीका नैटो को मदद करने पर राज़ी

अमरीका तालेबान लड़ाकों से लड़ने के लिए अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो सेना में अपने और सैनिक शामिल करने पर राज़ी हो गया है.

इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो सेना के कमांडर जनरल डेविड रिचर्ड्स ने कहा था कि तालेबान लड़ाकों से निपटने के लिए सैनिकों की संख्या बढ़ाई जाएगी.

अमरीका ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में ही तैनात तीसरे ब्रिगेड के उसके लगभग 3200 जवान नैटो के कमान में अगले चार माह तक काम करेंगे.

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि बुश प्रशासन तालेबान से लड़ने और अफ़ग़ानिस्तान को आर्थिक पैकेज के लिए लगभग दस अरब डॉलर की राशि कॉंग्रेस से मंज़ूर कराने की कोशिश करेगा.

वो नैटो के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की ब्रुसेल्स में शुरू हो रही बैठक में शिरकत करने जा रही हैं.

राइस ने कहा कि आठ अरब 60 करोड़ डॉलर का उपयोग पुनर्निमाण कार्यों के लिए होगा और दो अरब डॉलर अफ़ग़ान सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण और उपकरणों की ख़रीद पर खर्च होंगे.

ऐसी संभावना है कि तेज़ी से सक्रिय हो रहे तालेबान लड़ाके गर्मियों के मौसम में अंतरराष्ट्रीय सैनिकों पर हमले तेज़ कर सकते हैं.

ऐसा अनुमान है कि नैटो के सभी अतिरिक्त सैनिक अमरीका के होंगे. जनरल रिचर्ड्स ने बुधवार को कहा था कि उनके पास अफ़ग़ानिस्तान में "ज़रूरत से कम सैनिक" हैं.

हिंसक साल

अमरीकी अख़बार वाशिंगटन पोस्ट में छपी रिपोर्ट के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ती हिंसा और वहाँ की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए अमरीका हामिद करज़ई सरकार को आर्थिक सहायता बढ़ाने पर विचार कर रहा है.

बीबीसी संवाददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि बुश प्रशासन इस बात से चिंतित है कि अगर समय रहते कुछ नहीं किया गया तो अफ़ग़ानिस्तान भी इराक़ की राह पर जा सकता है.

अभी अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 24 हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं.

ऐसी उम्मीद है कि राइस नैटो की बैठक के दौरान सदस्य देशों से अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य अभियान और पुनर्निमाण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील करेंगी.