बुधवार, 24 जनवरी, 2007 को 19:08 GMT तक के समाचार
असित जौली
बीबीसी संवाददाता, चंडीगढ़
पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर से लोक सभा उपचुनाव के लिए गुरुवार को पर्चा दाख़िल करेंगे.
लोक सभा का यह उपचुनाव पंजाब विधानसभा चुनावों के साथ ही होगा.
भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का मानना है कि सिद्धू के चुनाव मैदान में आ जाने से उन्हें विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ कांग्रेस के ख़िलाफ़ काफ़ी मदद मिलेगी.
बुधवार को सिद्धू के अमृतसर पर पहुँचने पर समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया.
लेकिन उन्हें निराशा इस बात से हुई कि सिद्धू तकनीकी कारणों से अपना नामांकन दाखिल नहीं कर पाए.
भाजपा उम्मीदवार सिद्धू के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने राज्य के वित्त मंत्री सुरिंदर सिंगला को उम्मीदवार बनाया है.
विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धू का पलड़ा भारी है. लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार सिंगला का कहना है कि सिद्धू को राजनीति की समझ नहीं है और जीत उनकी ही होगी.
फ़ैसला
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने नवजोत सिंह सिद्धू को राहत देते हुए उनकी सज़ा पर रोक लगा दी थी.
इस फ़ैसले के बाद उनके चुनाव लड़ने का रास्ता साफ़ हो गया था.
उल्लेखनीय है कि ग़ैरइरादतन हत्या के लगभग 18 साल पुराने मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें तीन साल की सज़ा सुनाई थी.
नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर से भाजपा के सांसद थे और हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद उन्होंने लोक सभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था.
ग़ैरइरादतन हत्या का ये मामला 1988 का है. सिद्धू पर आरोप था कि उन्होंने गुरनाम सिंह नाम के एक व्यक्ति की पिटाई की जिसके बाद उसकी मौत हो गई.
निचली अदालत ने सिद्धू को इस मामले में पहले बरी कर दिया था लेकिन 1999 में हाईकोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की गई.
इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सिद्धू को इस मामले में दोषी ठहरा दिया था.