बुधवार, 24 जनवरी, 2007 को 14:19 GMT तक के समाचार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले भारत और रूस ने दिल्ली में चार दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए हैं.
दिल्ली में हुए एक समझौते के तहत भारत को रूसी लड़ाकू जेट इंजन बनाने का लाइसेंस मिल सकेगा.
इसके अलावा दोनों देशों ने संयुक्त रूप से एक बहु उपयोगी यातायात विमान बनाने के लिए सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर किए हैं.
सहमति पत्र पर हस्ताक्षर दिल्ली में बुधवार को दोनों देशों की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान हुए जिसमें भारतीय रक्ष मंत्री एके एंटनी और रूसी रक्षा मंत्री ने हिस्सा लिया.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 25 जनवरी से भारत की यात्रा पर आ रहे हैं. रूसी उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पहले से ही भारत में है.
भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा कि रूस और भारत के बीच रक्षा मामलों पर सहयोग दोनों देशों के लिए फ़ायदेमंद है.
उन्होंने कहा कि रूस-भारत संबंध सिर्फ़ विक्रेता-ख़रीदार के बीच संबंध न होकर अब संयुक्त शोध, विकास और उत्पादन की ओर बढ़ गए हैं.
परमाणु सहयोग
व्लादिमीर पुतिन ने अपनी भारत यात्रा से पहला कहा है कि उनका देश भारत को परमाणु ऊर्जा उत्पादन की दिशा में प्रत्यक्ष सहयोग देगा और इसके लिए उनकी आगामी भारत यात्रा के दौरान सामरिक समझौते किए जाएँगे.
रूस ने भारत के तमिलनाडु राज्य के कुंडाकुलम में पहले से ही दो परमाणु रिएक्टर बनाने में मदद की है. चूँकि परमाणु सामग्री और तकनीक की आपूर्ति करने वाले देशों के गुट ने भारत पर से प्रतिबंध हटा लिए हैं इसलिए रूस चार और परमाणु रिएक्टर बनाने में भारत की मदद करने के लिए तैयार नज़र आता है.
रूस की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के मुखिया सर्गेई किरियेन्को ने कहा है कि रूस कुंडाकुलम परमाणु रिएक्टर को 2007 की दूसरी तिमाही में परमाणु ईंधन मुहैया कराएगा.
किरियेन्को ने पुतिन की यात्रा शुरू होने से पहले भारत का दौरा किया है और पुतिन की यात्रा के दौरान भी वह भारत में मौजूद रहेंगे.