बुधवार, 24 जनवरी, 2007 को 09:41 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, भोपाल
मध्यप्रदेश में बलात्कार के एक मामले के अभियुक्त ने अदालत परिसर में बने मंदिर में ही पीड़िता संग सात फेरे ले लिए.
जबलपुर की एक अदालत में मुक़दमे की सुनवाई के दौरान 22 वर्षीय कमल नाथ पटेल को यह सलाह दी गई कि वह पीड़िता से शादी कर ले.
कमलनाथ पटेल पर सोनम पटेल नाम की एक नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ बलात्कार का आरोप है. मामले की अगली सुनवाई शनिवार को होनी है.
सरकारी वकील उमेश वैद्य ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान अदालत इस बात पर गौर कर सकता है कि बलात्कार के आरोपी युवक ने पीड़िता के साथ शादी कर ली है.
उन्होंने कहा कि कमलनाथ पटेल और सोनम की शादी की सूचना अदालत को अगली सुनवाई के दौरान ही दी जाएगी जबकि पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत को बताया कि वह लड़के और लड़की की शादी करवाना चाहते हैं.
कमलनाथ और सोनम का विवाह मंगलवार के दिन सोनम के परिवार वालों की मौजूदगी में हुआ. हालाँकि लड़के के पिता इसमें शामिल नहीं हुए.
शादी के समय मौज़ूद संजीव चौधरी ने लड़के को यह कहते हुए सुना कि वह अपने परिवार वालों को इस संबंध को मान्यता देने के लिए राज़ी कर लेगा.
शर्मनाक
महिलाओं के अधिकार के लिए काम करने वाली किरण वालिया ने इस विवाह को एक शर्मनाक घटना बताया जिसमें पीड़ित युवती को मज़बूरी में उसी आदमी से शादी करनी पड़ रही है जिसने उसे गहरा मानसिक और शारीरिक आघात दिया है.
किरण वालिया ने कहा कि जबलपुर का मामला इसलिए भी शर्मनाक है क्योंकि बलात्कार के अभियुक्त और पीड़िता का विवाह अदालत की जानकारी में हुआ.
दिल्ली की अदालत में चले बलात्कार के एक अलग मुक़दमे में जब दोषी ने पीड़ित महिला के संग विवाह का सुझाव दिया था तो न्याधीश ने पीड़ित महिला को सुझाव पर गौर करने को कहा था.
इस प्रकरण में भूरा नाम के एक युवक ने एक अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स के साथ बलात्कार किया था और फिर उसकी एक आँख निकाल ली थी.
न्यायाधीश की सलाह के बावजूद नर्स ने भूरा के साथ शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसके बाद अदालत ने भूरा को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.