बुधवार, 24 जनवरी, 2007 को 21:12 GMT तक के समाचार
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को दो दिन की भारत यात्रा पर दिल्ली पहुँच गए हैं. पुतिन भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे.
उनकी इस यात्रा के दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है जिसमें रक्षा, अंतरिक्ष और असैनिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग शामिल है.
पुतिन की भारत यात्रा से पहले बुधवार को भारत और रूस ने दिल्ली में चार दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए थे.
दिल्ली में हुए एक समझौते के तहत भारत को रूसी लड़ाकू जेट इंजन बनाने का लाइसेंस मिल सकेगा.
इसके अलावा दोनों देशों ने संयुक्त रूप से एक बहु-उपयोगी यातायात विमान बनाने के लिए सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर किए हैं.
रूस ने भारत के तमिलनाडु राज्य के कुंडाकुलम में पहले से ही दो परमाणु रिएक्टर बनाने में मदद की है.
चूँकि परमाणु सामग्री और तकनीक की आपूर्ति करने वाले देशों के गुट ने भारत पर से प्रतिबंध हटा लिए हैं इसलिए रूस चार और परमाणु रिएक्टर बनाने में भारत की मदद करने के लिए तैयार नज़र आ रहा है.
राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रूसी मीडिया से बातचीत में कहा था कि भारत-रूस की दोस्ती अटूट है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था, "ऐसा पहली बार है जब गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि के रूप में किसी रूसी नेता को निमंत्रित किया गया है और हमें प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति पुतिन इस मौक़े पर हमारे साथ होंगे."
दूसरी ओर रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस शांतिपूर्ण उपयोग के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत की मदद करना चाहता है.