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मंगलवार, 23 जनवरी, 2007 को 20:21 GMT तक के समाचार

तालेबान अफ़ग़ानिस्तान में 'स्कूल खोलेंगे'

तालेबान के एक प्रवक्ता ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में बच्चों के लिए स्कूल खोलने की घोषणा की है और कहा है कि इन पर दस लाख डॉलर खर्च किए जाएँगे.

अब्दुल हई मुतमईन ने कहा कि तालेबान मार्च और अप्रैल, 2007 से स्कूल खोलने की शुरूआत कर देगा.

दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में या तो स्कूल है ही नहीं हैं या फिर सशस्त्र चरमपंथियों की धमकी और लूटपाट के कारण बंद हो गए हैं.

सरकार इसके लिए तालेबान को ज़िम्मेदार ठहराती है लेकिन वे इससे इनकार करते हैं.

तालेबान ने अपने बयान में कहा है कि इन स्कूलों में 1980 के दौरान का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा.

तालेबान के एक प्रवक्ता क़ारी यूसुफ़ ने बीबीसी को बताया कि इन स्कूलों में इतिहास, भूगोल, भौतिक विज्ञान, रसायनशास्त्र और इस्लामी विषयों की शिक्षा दी जाएगी.

उनका कहना था कि ये स्कूल दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के आठों प्रांतों में स्थापित किए जाएँगे.

तालेबान प्रवक्ता का कहना था, '' सरकार का शहरों पर नियंत्रण है लेकिन दूरदराज के इलाक़ों पर हमारा नियंत्रण है इसलिए स्कूल चलाने में कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी.''

उनका कहना था कि पहले लड़कों के लिए स्कूल खोले जाएंगे और बाद में लड़कियों के लिए.

उल्लेखनीय है कि जब तालेबान सत्ता में थे तो उन्होंने लड़कियों के लिए स्कूल खोलने का वादा किया था लेकिन उन्होंने ऐसा कभी किया नहीं.

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के ग्रामीण इलाक़ों में पारंपरिक रूप से शिक्षा व्यवस्था बहुत कमज़ोर रही है.

इसके अलावा ज़्यादातर स्कूलों की इमारतें संघर्ष के दौरान नष्ट हो गईं और अब भी उनकी स्थिति वैसी ही है.

पिछड़े इलाक़ों में कुछ ही स्कूलों के पास इमारतें हैं. बच्चे या तो टैंट में या फिर पेड़ के नीचे पढ़ते हैं.

स्कूलों पर हमले

पिछले चार वर्षों के दौरान ये स्कूल कथित रूप से तालेबान का निशाना रहे हैं.

अनेक स्कूलों में आग लगा दी गई, अध्यापकों की हत्या कर दी गई और विद्यार्थियों और शिक्षकों से सरकारी स्कूलों से दूर रहने की धमकी दी गई.

हालांकि तालेबान इसमें अपनी भूमिका से इनकार करता है और कहता है कि स्थानीय लोगों ने अमरीकी देखरेख में तैयार पाठ्यक्रम के विरोध में ये क़दम उठाए हैं.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने संसद में हाल में कहा था कि 2006 में चरमपंथियों ने 182 स्कूलों में आग लगा दी थी.

दिसंबर में कंधार के दौरे के दौरान राष्ट्रपति करज़ई ने स्वीकार किया था कि दक्षिणी हिस्से के लगभग 700 स्कूलों में से आधे से अधिक सुरक्षा कारणों से सील कर दिए गए हैं.

प्रेक्षकों का कहना है कि संघर्ष वाले इन क्षेत्रों में माता पिता बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं और उन्हें इससे अंतर नहीं पड़ता कि इन्हें कौन चला रहा है.