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रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

यूपी सरकार बर्ख़ास्त करने की माँग

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं, विपक्षी दलों ने समाजवादी पार्टी सरकार पर हमले तेज़ कर दिए हैं.

पहले लोकदल और कांग्रेस पार्टी ने मुलायम सरकार से समर्थन वापस लिया और अब बहुजन समाजपार्टी की नेता मायावती ने राज्यपाल टीवी राजेश्वर से मिलकर मुलायम सरकार को बर्ख़ास्त करने और राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की.

मायावती ने पहली मार्च को राजधानी लखनऊ में 'सत्ता प्राप्त करो ' संकल्प रैली का भी ऐलान किया है.

उनका कहना था,'' इस सरकार के रहते हुए रोजाना कोई न कोई घटना होती रहती है इसलिए इस सरकार को बर्ख़ास्त करके यहाँ राष्ट्रपति शासन लगाना बहुत ज़रुरी है.''

इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में मायावती ने इलाहाबाद में एक मदरसे की दो छात्राओं के साथ सामूहिक बलात्कार कांड की कड़े शब्दों में निंदा की और इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की.

इलाहाबाद का दौरा

मायावती ने रविवार को इलाहाबाद का दौरा करके पीड़ित परिवारों के साथ अपनी हमदर्दी भी जताई थी.

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन ने भी सोमवार को इलाहाबाद के करेली मोहल्ले में उस मदरसे का दौरा किया जिसकी छात्राओं के साथ दुराचार हुआ था.

अहमद हसन ने भरोसा दिलाया कि इस मामले में लड़कियों को इंसाफ़ और गुनहगारों को सज़ा दिलाई जाएगी.

उधर बलात्कार कांड में गिरफ्तार चारों अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

पुलिस का कहना है कि पीड़ित छात्राओं ने अभियुक्तों की शिनाख्त कर ली है. जबकि अभियुक्तों के घरवालों और वकीलों का कहना है कि जिन चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है, वे निर्दोष हैं.

इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्यों ने लखनऊ में विधानसभा के सामने विरोध प्रदर्शन किया.

बोर्ड की चेयरमैन शाइस्ता अंबर ने बलात्कार के अभियुक्तों को फाँसी देने की मांग की.

प्रशासन ने इस कांड को लेकर करेली थाने के इंचार्ज को निलंबित कर दिया है. लेकिन विपक्षी दल इससे संतुष्ट नहीं हैं.

इस बात की पूरी संभावना है कि बुधवार को विधानसभा की बैठक में विपक्षी दल निठारी कांड व अन्य मामलों के अलावा इलाहाबाद मदरसा बलात्कार कांड को भी जोर-शोर से उठाएँगे.