शनिवार, 20 जनवरी, 2007 को 13:00 GMT तक के समाचार
राजीव खन्ना
बीबीसी संवाददाता, दाहोद से
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुजरात के दाहोद ज़िले में एक आदिवासी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की ज़रूरत है.
सोनिया गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे तौर पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य की क़ानून व्यवस्था पिछले कुछ समय में ज़्यादा ख़राब हुई है.
उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी की सरकार अल्पसंख्यकों, ग़रीबों और पिछड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा कर पाने में नाकाम रही है."
सोनिया ने कहा कि नफ़रत और हिंसा की राजनीति करने वाले कभी भी देशभक्त नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि लोग गोडसे की मानसिकता वालों का सामना कर रहे हैं.
माना जा रहा है कि सोनिया गांधी की यह रैली राज्य में कांग्रेस के जनाधार को मज़बूत करने का एक प्रयास था.
इसी वर्ष राज्य में चुनाव होने हैं और कांग्रेस पार्टी चुनावों से पहले आदिवासियों के बीच अपने खोए हुए जनाधार को फिर से हासिल करना चाहती है.
टकराव
ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार सरोवर बाँध से बिजली उत्पादन की शुरुआत का उद्घाटन करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार ने राज्य के साथ सौतेला व्यवहार किया है.
उन्होंने अपनी ओर से राजनीतिक दांव चलते हुए कहा था कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वो बाँध निर्माण के लिए जुटाए गए कर्ज़ पर ब्याज़ माफ़ कर दे.
मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर ऐसा होता है तो वो बचे हुए पैसा का इस्तेमाल आदिवासियों के विकास के लिए करेंगे.
मोदी के इस बयान को सोनिया गांधी की रैली से पहले के राजनीतिक पैतरे की तरह देखा जा रहा था.
केंद्र् सरकार में कपड़ा मंत्री शंकर सिंह वाघेला ने मोदी के इस बयान को निराधार बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से बाँध के निर्माण के लिए कोई कर्ज़ नहीं लिया है.
उन्होंने बताया कि यह कर्ज़ अलग-अलग संस्थानों से लिया गया है और केंद्र सरकार पहले से ही इस बाँध के लिए 4000 करोड़ का अनुदान दे चुकी है.