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शनिवार, 20 जनवरी, 2007 को 18:02 GMT तक के समाचार

नादिया परवेज़
बीबीसी संवाददाता

सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में अर्धकुंभ के अवसर पर जहाँ एक ओर लाखों संतों का जमावड़ा लगा है, वहीं बुधवार को एक ऐसी घटना की ख़बरे हैं जब अपने को सीआईडी का आदमी बताने वाले कुछ लोगों ने मदरसे की दो लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया.

इस घटना के तीन दिनों बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

इलाहाबाद के बाहरी इलाक़े में स्थित यह अपनी तरह का पहला मदरसा है जहाँ लगभग 55 लड़कियाँ रहती हैं.

बलात्कार की शिकार हुई एक लड़की ने बीबीसी को बताया, "हमलोग उन्हें पहचान नहीं सके. बस ये है कि वे साँवले से थे. हमने पुलिस को बता दिया है. वे पूछताछ के बहाने अंदर घुस गए थे."

स्थानीय शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता पद्मा इस घटना के बारे में बताती हैं, "छह लोग आए और कहा कि वे सीआईडी से आए हैं. उन्होंने जबरन ताला तोड़ कर वार्डन और चौकीदार को बंद कर दिया. अधिकतर लड़कियाँ कम उम्र की थीं. दो कुछ बड़ी थीं. वे उन्हें पास के मैदान में ले गए और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया."

उनका कहना है कि पिछल कुछ वर्षों में कई बार एलआईयू के लोग इस मदरसे में आते रहे हैं.

चौंकाने वाला तथ्य ये है कि इस मदरसे को वलीउल्ला चलाते हैं और पुलिस का कहना है कि वो बनारस में संकटमोचन मंदिर के निकट हुए विस्फोट में शामिल अभियुक्त का भाई है.

दूसरी ओर यहाँ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीडी पॉल का कहना है, "कोई पुलिसकर्मी वहाँ रात को जानकारी लेने नहीं गया. वहाँ हमारी कोई टीम नहीं गई थी."

कांग्रेस की नेता रीता बहुगुणा जोशी कहती हैं, "उत्तर प्रदेश में क़ानून और व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. होस्टल से लड़कियों को ले जाने की यह इलाहाबाद में पहली घटना है."

वो कहती हैं कि तीन दिनों तक पीड़ित लड़कियों की चिकित्सा जाँच नहीं की गई.

ग़ौरतलब है कि निठारी कांड के बाद राज्य में पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान उठाए जाने लगे हैं और इस कथित घटना के बाद राजनीतिक दलों ने मुलायम सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है.