नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
पाकिस्तान में कभी जवां दिलों की धड़कन रहीं प्रसिद्ध अभिनेत्री ज़ेबा अली को बगैर वीज़ा अनुमति जियारत के लिए अजमेर पहुँचना महँगा पड़ा.
अधिकारियों ने उन्हें तुरंत वापस लौटने के लिए कहा है. जबकि 63 वर्षीय ज़ेबा इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बता रही हैं.
जेब़ा अली अपने दो परिचितों के साथ सोमवार को अजमेर पहुँची थीं. अधिकारियों ने उनके यात्रा दस्तावेज़ों की जाँच की तो पाया कि उनके पास महज दिल्ली और रुड़की का वीज़ा था.
इसके बाद पुलिस ने उन्हें भारत छोड़ने का आदेश थमा दिया.
अजमेर के पुलिस निरीक्षक बीआर खोसला ने बताया, "उन्होंने वीज़ा नियमों का उल्लंघन किया है. लिहाज़ा उन्हें वापस लौटने को कह दिया गया है."
गुज़रे ज़माने में नामवर अदाकारा रहीं ज़ेबा ने बीबीसी को बताया, "मैंने दिल्ली, रुड़की और अजमेर का वीज़ा आवेदन दिया था. मुझे विश्वास था कि अजमेर का नाम इसमें शामिल कर लिया गया है लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यह सरकारी कारिंदो की भूल है. इसे वीज़ा उल्लंघन का मामला न समझा जाए."
'नरम हों नियम'
इन सबके बावजूद ज़ेबा ने सोमवार की शाम अजमेर में ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर तसल्ली के साथ इबादत की.
ज़ेबा ने कहा, " मैं एक ऐसी शख़्सियत हूँ, जिसे दोनों देशों मे लोग जानते हैं. मैं भला क्या नियमों का उल्लंघन करूँगी.''
ज़ेबा चाहती हैं कि दोनों देशों में धार्मिक स्थानों पर लोगों को आसानी से आने-जाने की अनुमति मिले.
दरगाह के ख़ादिमों की संस्था अंजुमन भी यही माँग कर चुकी है.
अंजुमन के प्रवक्ता सरवर चश्ती कहते हैं, "दोनों देशों को अपने यहाँ स्थित पवित्र स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के नियमों को सरल बनाना चाहिए."
इससे पहले गत माह तेरह पाकिस्तानी नागरिकों के एक समूह को इसी तरह बिना वीज़ा अनुमति अजमेर पहुँचने पर वापस लौटा दिया गया था.
अधिकारियों के मुताबिक हाल में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ी है. दोनों देशों मे रिश्ते सुधार पर हैं इसलिए बिना वीज़ा जियारत के लिए पहुँचने वालों के विरुद्ध कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता.