सोमवार, 15 जनवरी, 2007 को 08:59 GMT तक के समाचार
आल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ़्रेस के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने केंद्र सरकार से माँग की है कि वो राज्य में जारी संघर्ष को रोकने के लिए पहल करे.
जम्मू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले का समाधान बंदूक के दम पर नहीं निकाला जा सकता है और इसके लिए राज्य में आंतरिक रूप से जारी संघर्ष को रोके जाने की आवश्यकता है.
मीरवाइज़ ने पेशकश की कि यदि केंद्र सरकार गंभीरता से इस दिशा में प्रयास करती है तो उनकी पार्टी हरसंभव सहायता करने को तैयार है.
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो इससे राज्य में शांति बहाली के प्रयासों को बल मिलेगा.
उधर श्रीनगर में मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ के घर के बाहर ग्रेनेड फेंका गया है. हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है.
राज्य पुलिस की ओर से बताया गया है कि यह हमला राइफल ग्रेनेड से किया गया है. हमले के वक्त मीरवाइज़ जम्मू में थे.
मीरवाइज़ मानते हैं कि दिल्ली और श्रीनगर के बीच संबंधों को और विस्तार देने की ज़रूरत है.
बदलते समीकरण
मीरवाइज़ ने कहा कि इस वक्त की ज़रूरत यह है कि भारत सरकार कश्मीर में शांति स्थापना के प्रयासों को एक ठोस रूप दे ताकि किसी भी विपरीत स्थिति में भी यह प्रक्रिया प्रभावित न हो.
इस अवसर पर हुर्रियत कांफ्रेंस के दूसरे गुट की ओर से हड़ताल के आह्वान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, "गीलानी साहेब अभी भी इतिहास में ही फंसे हुए हैं. 11 सितंबर की घटना के बाद से दुनियाभर में स्थितियाँ बदली हैं और नए समीकरण सामने आए हैं."
ग़ौरतलब है कि हुर्रियत कांफ्रेंस के गीलानी के नेतृत्व वाले धड़े ने आगामी 17 जनवरी को राज्य में बंद का आह्वान किया है.
इस बंद का आह्वान नई दिल्ली और इस्लामाबाद के साथ ही कुछ चरमपंथी गुटों से कश्मीर मसले के समाधान के लिए हो रही बातचीत के विरोध में किया गया है.