सोमवार, 15 जनवरी, 2007 को 14:50 GMT तक के समाचार
निठारी में बच्चों के अपहरण और हत्या की जाँच कर रहे केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने बताया है कि उन्हें निठारी में मानव अवशेषों से भरे 40 पैकेट मिले हैं.
सीबीआई की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि उन्हें निठारी में अभियुक्त के घर के सामने वाले नाले से ऐसे 40 पैकेट मिले हैं जिनमें मानव अवशेष हैं.
इसके अलावा कुछ मानव हड्डियों के टुकड़े भी बरामद किए गए हैं.
जाँच के लिए गठित फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल और आसपास की जगहों की सघन तलाशी ली है और इसमें इन्हें बड़ी मात्रा में हड्डियाँ और शरीर के कुछ अन्य हिस्से मिले हैं.
सीबीआई ने बताया कि जाँच के दौरान पाए गए इन अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इन नमूनों को अलग-अलग पहचानने की कोशिश की जाएगी और इनका डीएनए परीक्षण भी होगा.
इन्हें अलग-अलग पहचानने की ज़रूरत इसलिए भी है ताकि इसके आधार पर इस बात की पहचान की जा सके कि अवशेष किस व्यक्ति के हैं और उनका ताल्लुक किस परिवार से है.
जाँच में तेज़ी
अवशेषों की जाँच के साथ ही लापता बच्चों के परिवार वालों और गवाहों की भी जाँच की जा रही है ताकि इस पूरे प्रकरण को क्रमवार तरीके से समझा जा सके.
सीबीआई ने इस पूरे मामले की जाँच के लिए 30 सदस्यों वाली एक टीम का गठन किया है.
जाँच के लिए बनाई गई फोरेंसिक टीम में केंद्रीय फोरेंसिक लैब के सदस्यों के साथ ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और बंगलौर फोरेंसिक लैब के सदस्यों को शामिल किया गया है.
दिल्ली से सटे औद्योगिक नगर नोएडा में बच्चों के अपहरण और हत्या की तफ़्तीश का काम बुधवार से केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने संभाल लिया था.
इससे पहले इस मामले की जाँच उत्तर प्रदेश की राज्य पुलिस की ओर से की जा रही थी पर बाद में मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण की जाँच सीबीआई से करवाने की घोषणा की.
पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि दिल्ली से सटे नोएडा के निठारी गाँव में एक घर के पीछे नाले से 17 बच्चों के कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई थी.
इसकी वजह यह है कि स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले दो वर्षों में कम से कम 40 बच्चे लापता हो चुके हैं. पुलिस ने भी बच्चों के लापता होने की बात मानी है.
माना जा रहा है कि बरामद कंकाल इन लापता बच्चों के हो सकते हैं. इस दिशा में फोरेंसिक जाँच चल रही है.
पुलिस का कहना है कि हत्या से पहले सभी का यौन शोषण किया गया था. नोएडा पुलिस मामले के मुख्य अभियुक्तों मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र सिंह को गिरफ़्तार कर लिया है.
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगाया है.
इस मामले के सामने आने के बाद से अबतक छह पुलिसकर्मियों और तीन पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा चुकी है.