भारत और पाकिस्तान कश्मीर मसले पर मार्च में बातचीत के लिए सहमत हो गए हैं.
यह घोषणा भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने शनिवार को संयुक्त पत्रकारवार्ता में की.
दोनों मंत्रियों ने कहा कि अनसुलझे मुद्दों को हल करने के लिए इस वक़्त बहुत अच्छा दौर चल रहा है. बातचीत में सियाचिन मुद्दे को सुलझाने पर भी सहमति हुई.
भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से भी मुलाक़ात की.
प्रणव मुखर्जी शनिवार को पाकिस्तान दौरे पर पहुँचे थे और सितंबर, 2006 में भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच हवाना में हुई मुलाक़ात के बाद मुखर्जी का यह महत्वपूर्ण पाकिस्तान दौरा है.
सहमति
प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी से मुलाक़ात की और दोनों नेता परमाणु दुर्घटना का ख़तरा कम करने, सियाचिन मुद्दा सुलझाने की प्रक्रिया तेज़ करने और वीज़ा प्रक्रिया को उदार बनाने पर सहमत हो गए हैं.
दोनों नेताओं के बीच लगभग ढाई घंटे तक बातचीत हुई. नेताओं ने फ़ैसला किया कि संयुक्त आतंकवाद विरोधी प्रणाली की पहली बैठक मार्च में नई दिल्ली में आयोजित की जाए.
एक दूसरे की जेल में बंद क़ैदियों की जल्द रिहाई पर विचार करने के लिए जजों की एक समिति बनाने पर भी सहमति हुई.
ग़ौरतलब है कि कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीन युद्ध हो चुके हैं और इस मुद्दे की वजह से दोनों देशों के बीच अक्सर तनाव उत्पन्न हो जाता है.
दोनों देशों ने शांति प्रक्रिया 2004 में शुरू की थी लेकिन मुंबई में जुलाई 2006 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद रिश्तों में खटास आ गई थी.