http://www.bbcchindi.com

रविवार, 14 जनवरी, 2007 को 15:59 GMT तक के समाचार

निठारी में 'और मानव कंकाल मिले'

भारत के कुछ समाचार माध्यमों के मुताबिक निठारी में बच्चों के अपहरण और हत्या की जाँच कर रहे दल ने कुछ और मानव कंकाल बरामद किए हैं.

हालांकि बीबीसी हिंदी सेवा ने जब इस बारे में सीबीआई के प्रवक्ता जी मोहंती से बातचीत की तो उन्होंने ऐसी किसी भी बरामदगी के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

समाचार एजेंसियों के हवाले से दी गई इस जानकारी के बाद निठारी में मृतकों की संख्या तकरीबन 20 हो सकती है.

उधर निठारी में इस घटना और पुलिस के रवैये के विरोध में स्थानीय लोगों का विरोध-प्रदर्शन जारी है.

दिल्ली से सटे औद्योगिक नगर नोएडा में बच्चों के अपहरण और हत्या की तफ़्तीश का काम बुधवार से केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने संभाल लिया था.

विरोध

जिस दिन से निठारी की घटना का खुलासा हुआ है, उसी दिन से इसे लेकर कई जगहों से विरोध-प्रदर्शन की ख़बरें आ रही है.

इसी कड़ी में दिल्ली में एक समाजसेवी संगठन के बैनर तले रविवार की शाम एक जुलूस निकाला गया और लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर मृतकों को श्रद्दांजलि दी.

इस संगठन, 'जोश' की ओर से रविवार के इस कार्यक्रम के दौरान सूचना का अधिकार क़ानून के तहत निठारी मामले में सरकार से जानकारी माँगने के लिए बड़े पैमाने पर आवेदन भी भरे गए.

इस अवसर पर स्वामी अग्निवेश, गांधीवादी समाजसेविका निर्मला देशपांडे, मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित अरविंद केजरीवाल और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल हुए.

एक ओर कई सामाजिक संगठनों की ओर से इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाया जा रहा है ताकि जाँच की कार्यवाही को तेज़ किया जा सके वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज़ होती नज़र आ रही है.

जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले दिनों निठारी के दौरे के बाद इसके लिए राज्य सरकार को कोसा वहीं समाजवादी पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है.

पृष्ठभूमि

इससे पहले इस मामले की जाँच उत्तर प्रदेश की राज्य पुलिस की ओर से की जा रही थी पर बाद में मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण की जाँच सीबीआई से करवाने की घोषणा की.

उल्लेखनीय है कि दिल्ली से सटे नोएडा के निठारी गाँव में एक घर के पीछे नाले से 17 बच्चों के कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई थी.

इसकी वजह यह है कि स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले दो वर्षों में कम से कम 40 बच्चे लापता हो चुके हैं. पुलिस ने भी बच्चों के लापता होने की बात मानी है.

माना जा रहा है कि बरामद कंकाल इन लापता बच्चों के हो सकते हैं. इस दिशा में फोरेंसिक जाँच चल रही है.

पुलिस का कहना है कि हत्या से पहले सभी का यौन शोषण किया गया था. नोएडा पुलिस मामले के मुख्य अभियुक्तों मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र सिंह को गिरफ़्तार कर लिया है.

इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगाया है.

इस मामले के सामने आने के बाद से अबतक छह पुलिसकर्मियों और तीन पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा चुकी है.