रविवार, 14 जनवरी, 2007 को 14:13 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस केजी बालाकृष्णन ने रविवार को भारत के 37 वें मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ ग्रहण कर ली है.
जस्टिस कोनाकुप्पकटिल गोपीनाथन बालाकृष्णन इस पद पर पहुँचने वाले वो पहले दलित व्यक्ति हैं.
रविवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में भारत के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने बालाकृष्णन को मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलवाई.
उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वाईके सब्बरवाल की जगह यह पद ग्रहण किया है.
इस मौके पर उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत, पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सब्बरवाल, लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कई वरिष्ठ न्यायाधीश और गणमान्य लोग मौजूद थे.
8 जून, 2000 को सुप्रीम कोर्ट के जज बनने वाले न्यायमूर्ति बालाकृष्णन 12 मई, 2010 को सेवानिवृत्त होंगे.
एक परिचय
अपने बेटे के शपथ ग्रहण को देखने के लिए जस्टिस बालाकृष्णन की माँ केएम सारदा भी व्हील चेयर पर बैठकर इस कार्यक्रम में पहुँची थीं.
12 मई, 1945 को केरल के कोट्टायम ज़िले के एक गाँव में जन्मे न्यायमूर्ति बालाकृष्णन ने एर्नाकुलम के महाराजा लॉ कॉलेज से क़ानून की शिक्षा ली.
उसके बाद उन्होंने एर्नाकुलम में ही वकालत शुरू कर दी. बाद में वो केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त किए गए.
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किए जाने से पहले न्यायमूर्ति बालाकृष्णन गुजरात और मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं.