भारत प्रशासित कश्मीर में हुर्रियत कान्फ्रेंस के कट्टरपंथी माने जाने वाले नेता सैयद अली शाह गीलानी ने हुर्रियत के उदारवादी धड़े के नेताओं पर 'भारत के हितों' बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.
उन्होंने मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ के नेतृत्व में उदारवादी गुट के नेताओं की प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा का भी कड़ा विरोध किया है.
अलगाववादी संगठन हुर्रियत कान्फ़्रेंस के उदारवादी गुट का तीन सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल बुधवार को दिल्ली से पाकिस्तान के लिए रवाना होगा.
गीलानी ने आरोप लगाया है कि ये यात्रा विश्वासघात है और इसीलिए उन्होंने 17 जनवरी को आम हड़ताल का आहवान किया है.
उनका आरोप है कि उदारवादी गुट ने पाकिस्तान और भारत के साथ बातचीत का दौर केवल इसीलिए शुरु किया है ताकि वे 'भारत के हितों' को आगे बढ़ा सकें.
उधर हुर्रियत कान्फ़्रेंस के उदारवादी गुट के नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताया है.
इस गुट के नेता मौलवी अब्बास अंसारी ने कहा कि वे स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के साथ अलग-अलग चर्चा करने से जब बातचीत आगे बढ़ती है तो तीनों पक्षों - भारत, पाकिस्तान और कश्मीरियों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठकर समस्या का समाधान निकालना चाहिए.
तीन बम धमाके, दस की मौत
उधर भारत प्रशासित कश्मीर में श्रीनगर में तीन अलग बम धमाकों में दस लोग मारे गए हैं.
इनमें से पाँच अर्थसैनिक बलों के सैनिक हैं और पाँच आम नागरिक हैं.
इन सभी धमाकों में सुरक्षा बलों के सदस्यों को निशाना बनाया गया.
लगभग एक ही साथ हुए इन हमलों की अल मनसुरियन नाम के चरमपंथी संगठन ने ज़िम्मेदारी ली है.