शुक्रवार, 12 जनवरी, 2007 को 07:59 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आख़िरकार 18 जनवरी को विधानमंडल के दोनों सदनों का साझा सत्र बुलाने पर राजी हो गए हैं.
मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह हुई कैबिनेट की बैठक में नया सत्र बुलाने की सिफ़ारिश की गई थी.
मुख्यमंत्री ने बताया कि साझा सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी.
कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री राजभवन गए और राज्यपाल टीवी राजेश्वर को सरकार की सिफ़ारिश सौंपी जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.
दाँव पेंच
इसस पहले राज्य कैबिनेट ने विधानसभा के मौजूदा सत्र का ही विस्तार करते हुए विधानसभा की बैठक बुलाने की सिफ़ारिश की थी लेकिन राज्यपाल ने सत्रावसान की घोषणा कर दी.
इसके बाद राजभवन और मुलायम सरकार के बीच खींचतान बढ़ गई थी लेकिन राज्यपाल के निर्णय को संविधान विशेषज्ञों ने जायज़ ठहराया था और कहा था कि मुख्यमंत्री केवल नया सत्र बुलाए जाने का प्रस्ताव भेज सकते हैं.
इसके बाद गुरुवार को मुलायम नरम पड़ गए थे और राज्यपाल के वर्तमान विधानसभा सत्र को स्थगित करने के निर्णय पर अमल करने का फ़ैसला किया था.
इस फ़ैसले के चौबीस घंटों के भीतर ही दोबारा उन्होंने विधानमंडल का संयुक्त सत्र बुलाने की सिफ़ारिश कर दी.
मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव राष्ट्रीय लोकदल के सरकार से हटने के बाद यह दिखाना चाहते हैं कि उन्हें विधानसभा में बहुमत प्राप्त है. इसीलिए वो विधानसभा की बैठक बुलाने के पक्ष में हैं.
राज्य विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को समाप्त हो रहा है.
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाने को लेकर विपक्षी दल राज्य सरकार की बर्खास्तगी की मांग करते रहे हैं.