शुक्रवार, 12 जनवरी, 2007 को 10:57 GMT तक के समाचार
भारत प्रशासित कश्मीर में सेना ने कहा है कि आने वाले कुछ सप्ताहों के दौरान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान तेज़ किए जाएंगे.
कश्मीर क्षेत्र में प्रभारी सेना की 15वीं कोर कमांडर के कमांडर इन चीफ़ लैफ़्टिनेंट ए एस सेखों ने शुक्रवार को श्रीनगर में पत्रकारों से कहा कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान और तेज़ किए जाएंगे.
लैफ़्टिनेंट जनरल सेखों ने कहा, "हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि हम चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अपने अभियान और तेज़ करेंगे. जिस तरह से हमारे अभियान चल रहे हैं उसके आधार पर हम कह सकते हैं कि हम उन लोगों पर और ज़्यादा दबाव बना सकेंगे जो अपने हाथों में बंदूक थामे हुए हैं."
कमांडर सेखों ने साथ ही यह भी कहा कि भारतीय सैनिक आम लोगों का दिल जीतने का अभियान भी जारी रखेंगे.
ग़ौरतलब है कि भारतीय सैनिकों पर हाल ही में इस तरह के आरोप बढ़े हैं कि उनके हाथों बहुत से आम लोग मारे गए हैं, चाहे वे हिरासत में हों या फिर हमलों में.
जनरल सेखों ने कहा कि कश्मीर में हाल के कुछ वर्षों में हिंसा का स्तर काफ़ी कम हुआ है. उन्होंने कहा कि चरमपंथी अब सैनिकों का सामना करने से बच रहे हैं और इसके बजाय अब वे हथगोलों के हमले जासे कुछ हल्के विकल्पों को अपना रहे हैं.
जनरल सेखों ने कहा कि सुरक्षा बलों के हाथों चमरपंथियों के कुछ उच्च कमांडरों के मारे जाने से चरमपंथियों के मनोबल पर काफ़ी नकारात्मक असर पड़ा है.
जनरल ने कहा, "हम चरमपंथियों पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं और हम उन्हें फिर से संगठित होने का मौक़ा नहीं दे रहे हैं."
उन्होंने कहा कि सीमा पर बाड़ और रात में उजाला रखने वाले उपकरण लगाने से पिछले तीन साल के दौरान सीमा पार से घुसपैठ रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिली है.
हालाँकि जनरल सेखों ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चरमपंथियों को प्रशिक्षण देने वाले शिविर अब भी मौजूद हैं.
उन्होंने कहा, "आतंकवादियों के शिविर अभी समाप्त नहीं किए गए हैं. नियंत्रण रेखा के उस तरफ़ संचार सुविधा वाले ठिकाने अब भी काम कर रहे हैं जहाँ से चरमपंथी अपने साथियों से संपर्क क़ायम रखते हैं."