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गुरुवार, 11 जनवरी, 2007 को 09:47 GMT तक के समाचार

असित जौली
बीबीसी संवाददाता, चंडीगढ़

सिद्धू का आत्मसमर्पण, जेल भेजे गए

भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और भाजपा के पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को चंडीगढ़ की एक निचली अदालत ने पटियाला जेल भेजने के निर्देश दिए हैं.

नवजोत सिंह सिद्धू इस अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुँचे थे.

उन पर 18 साल पहले एक व्यक्ति की ग़ैर इरादतन हत्या का आरोप था और इसके लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें तीन साल की सज़ा सुनाई थी.

भाजपा नेता सिद्धू ने इस सज़ा के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है और इस याचिका पर सुनवाई अभी नहीं हुई है.

इसके अलावा उन्होंने एक और याचिका दायर करके सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि अमृतसर से दोबारा चुनाव लड़ने तक उनकी सज़ा को स्थगित रखा जाए.

उल्लेखनीय है कि नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद थे और हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था.

आत्मसमर्पण

हाईकोर्ट ने छह दिसंबर को इस मामले में सज़ा सुनाई थी और कहा था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए 31 जनवरी तक का समय दिया जा रहा है.

इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को आत्मसमर्पण करने का आवेदन दिया था.

लेकिन जब वे गुरुवार को हाईकोर्ट पहुँचे तो अदालत ने उन्हें ज़िला न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश होने के निर्देश दिए.

ज़िला न्यायिक दंडाधिकारी वाइएस राठौर ने उन्हें पटियाला केंद्रीय जेल में भेजने के निर्देश दिए हैं.

इस फ़ैसले के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, "मैने अपने आपको अदालत के हवाले कर दिया था और आँसू बहाना मेरी फ़ितरत में नहीं है."

ग़ैरइरादतन हत्या का ये मामला 1988 का है. सिद्धू पर आरोप था कि उन्होंने गुरनाम नाम के एक व्यक्ति की पिटाई की जिसके बाद उसकी मौत हो गई.

निचली अदालत ने सिद्धू को इस मामले में पहले बरी कर दिया था लेकिन 1999 में हाईकोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की गई.

इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सिद्धू को इस मामले में दोषी ठहरा दिया.