गुरुवार, 11 जनवरी, 2007 को 19:09 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और राज्यपाल टी राजेश्वर के बीच 15 जनवरी को विधानसभा का सत्र को बुलाए जाने पर चल रही खींचतान पर विराम लग गया है.
दो दिन के भातर चौथी आपात बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के वर्तमान विधानसभा सत्र को स्थगित करने के निर्णय पर अमल करने का फ़ैसला किया है.
मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने विधानसभा का विशेष सत्र इसलिए बुलाया था कि राष्ट्रीय लोकदल के उनकी सरकार से बाहर जाने के बाद भी वे साबित कर पाएँ कि उन्हें विधानसभा में बहुमत हासिल है.
मुख्यमंत्री ने विधानसभा का सत्र बुलाए जाने के किसी नए प्रस्ताव से संबंधित प्रश्नों का जवाब देने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि जब उसकी जरूरत होगी तो वे सत्र बुला सकते हैं.
इससे पहले मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी दलों ने एक रैली में राज्यपाल की खुली आलोचना की और आरोप लगाया कि वे संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं.
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राज्यपाल पर सरकार को अस्थिर करने के एक षड्यंत्र का हिस्सा होने का भी आरोप लगाया था.
लेकिन राज्यपाल के निर्णय को संविधान विशेषज्ञों ने जायज़ ठहराया था और कहा था कि मुख्यमंत्री केवल नया सत्र बुलाए जाने का प्रस्ताव भेज सकते हैं.
राज्य विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को समाप्त हो रहा है.
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाने को लेकर विपक्षी दल राज्य सरकार की बर्खास्तगी की मांग करते रहे हैं.