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गुरुवार, 11 जनवरी, 2007 को 17:00 GMT तक के समाचार

'हमने बचाकर निकाला ओसामा को'

अफ़ग़ानिस्तान के क़बायली सरदार गुलबुद्दीन हिकमतयार ने कहा है कि उनके लड़ाकों ने अक्तूबर 2001 में अमरीकी हमले के समय अल क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन को बचाकर निकाला था.

हिज़्बे इस्लामी के नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार ने पाकिस्तानी टेलीविज़न चैनल जियो टीवी नेटवर्क से कहा है कि जब अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अफ़ग़ानिस्तान में 2001 के अंत में तोरा-बोरा पहाड़ियों पर हमला किया था तो बिन लादेन को "एक सुरक्षित स्थान पर" भेज दिया गया था.

हिकमतयार ने कहा कि अल क़ायदा के एक और वरिष्ठ नेता अयमन अल ज़वाहिरी को भी किसी अज्ञात स्थान पर पहुँचा दिया गया था. ज़वाहिरी को अल क़ायदा का नंबर दो नेता माना जाता है.

पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो नेटवर्क ने हिकमतयार का यह इंटरव्यू गुरूवार को प्रसारित किया है.

हिकमतयार के इस इंटरव्यू की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि तो नहीं की जा सकी है लेकिन इस वीडियो में हिकमतयार से बातचीत करने वाले सलीम सफ़ी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि यह बातचीत अफ़ग़ानिस्तान में क़रीब तीन सप्ताह पहले रिकॉर्ड की गई थी.

ग़ौरतलब है कि गुलबुद्दीन हिकमतयार 1990 के दशक के शुरूआती समय में अफ़ग़ानिस्तान के प्रधानमंत्री रहे थे और इस वीडियो में उन्होंने पश्तो भाषा में बातचीत की.

इस इंटरव्यू को उर्दू में तर्जुमा करके भी प्रसारित किया गया इसलिए गुलबुद्दीन हिकमतयार की मूल आवाज़ के कुछ ही अंश सुनाई दे सके हैं.

अमरीकी नेतत्व वाला गठबंधन अफ़ग़ानिस्तान पर अक्तूबर 2001 में हमले के बाद अभी तक ओसामा बिन लादेन और अयमन अल ज़वाहिरी का पता नहीं लगा पाया है,

समझा जाता है कि 2001 के आख़िरी दिनों में पाकिस्तानी सीमा के नज़दीक तोरा-बोरा पहाड़ियों में जब हमले किए गए थे तो कहा जाता है कि अमरीकी सैनिक ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के काफ़ी नज़दीक पहुँच गए थे.