मंगलवार, 09 जनवरी, 2007 को 12:07 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मंगलवार को भी हिंसा जारी रही और सुरक्षाबलों की भारी मौजूदगी के बावजूद लोगों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया.
राजधानी ढाका के कई इलाक़ों में लगातार तीसरे दिन मंगलवार को प्रदर्शन और हिंसा हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया.
हालाँकि राष्ट्रपति निवास बंगभवन की ओर आने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे लेकिन बंगभवन का घेराव करने की मंशा से सड़कों और गलियों में इकट्ठा हुए हजारों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने वहाँ से बलप्रयोग करके भगा दिया.
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया और आँसू गैस के गोले छोड़े.
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच छुटपुट झड़पें भी हुई. भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और सड़कों पर टायर जलाए.
रविवार से जारी हिंसा के दौर में कम से कम 130 लोग घायल हुए हैं.
आंदोलन
मुख्य राजनीतिक दल आवामी लीग के नेतृत्व में राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन ने चुनाव स्थगित करने की मांग को लेकर रविवार को तीन दिन का रास्ता-रोको आंदोलन शुरू किया था.
आवामी लीग का कहना है कि आंदोलन शुरू होने से पहले ही उसके 1000 कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया था.
पार्टी का कहना है कि सरकार वर्ष 2000 की मतदाता सूची का ही इस्तेमाल कर रही है जबकि कुछ साल पहले एक नई सूची बनाई गई थी.
आवामी लीग और उसकी सहयोगी पार्टियाँ चाहती हैं कि 22 जनवरी को होने वाले चुनाव स्थगित किए जाएँ लेकिन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी चुनाव का समर्थन कर रही है.
बांग्लादेश के राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद ने कहा है चुनाव समय पर ही होंगे.
उन्होंने कहा कि क़ानून-व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जाएगा.