मंगलवार, 09 जनवरी, 2007 को 12:33 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
भारत में राष्ट्रीय लोकदल के नेता अजीत सिंह ने उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की साझा सरकार से अलग होने की घोषणा की है.
उन्होंने यह भी कहा है कि मुलायम सरकार में शामिल राष्ट्रीय लोकदल के सभी तीनों मंत्रियों ने इस्तीफ़े दे दिए हैं.
इसके अलावा अनुराधा चौधरी सहित उन सभी लोगों ने भी अपने पद छोड़ दिए हैं जो मंत्री के दर्जे वाले पदों पर थे.
मंगलवार को लखनऊ में बुलाई गई एक पत्रकारवार्ता में अजीत सिंह ने कहा कि वे मुलायम सिंह सरकार से इसलिए अलग हो रहे हैं क्योंकि गन्ने का समर्थन मूल्य तय करते हुए उनसे सलाह मशविरा नहीं किया गया.
अजीत सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश में गन्ने का मूल्य हरियाणा और अन्य प्रदेशों से बहुत कम है.
हालांकि संवाददाताओं का कहना है कि चुनाव के कुछ दिनों पहले लिए गए अजीत सिंह के इस फ़ैसले के पीछे सिर्फ़ गन्ने का समर्थन मूल्य ही अकेला कारण नहीं दिखता.
एक सवाल के जवाब में अजीत सिंह ने कहा है कि वह अपनी ओर से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की कोई माँग नहीं कर रहे हैं.
उनका कहना था कि विधानसभा का समय 12 फ़रवरी को ख़त्म हो रहा है और यह फ़ैसला मुलायम सिंह को लेना चाहिए कि क्या क़दम उठाना अच्छा रहेगा.
उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में किसी गठबंधन के बारे में उन्होंने कोई फ़ैसला नहीं किया है और अब तक वह अकेले ही चुनाव लड़ने के पक्ष में हैं.
मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव मंगलवार को सहारनपुर के दौरे पर थे लेकिन इस राजनीतिक उथलपुथल की वजह से वह हवाई अड्डे पर उतरे बिना ही वापस लखनऊ लौट आए हैं.
244 विधायकों के समर्थन से चल रही मुलायम सरकार को 15 विधायकों वाली अजीत सिंह की पार्टी के हट जाने से कोई संकट नहीं दिखता लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि मुलायम सिंह के लिए आने वाले दिन बड़े राजनीतिक संकट के हो सकते हैं.