सोमवार, 08 जनवरी, 2007 को 13:11 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश में मुख्य राजनीतिक दलों के रास्ता-रोको आंदोलन के दूसरे दिन भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई है.
राजधानी ढाका के कई इलाक़ों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया. हिंसा की घटनाओं में कई लोग घायल हो गए हैं. कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है.
आवामी लीग और उसकी सहयोगी पार्टियाँ चाहती हैं कि इस महीने की 22 तारीख़ को होने वाले चुनाव रद्द किए जाएँ लेकिन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी चुनाव का समर्थन कर रही है.
बांग्लादेश के राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद ने कहा है चुनाव समय पर ही होंगे. ढाका से बीबीसी संवाददाता जॉन सडवर्थ ने बताया है कि राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर इकट्ठा लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले छोड़े.
लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार को रविवार जितनी हिंसा नहीं हुई. वैसे सोमवार को भी यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही.
बंद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ ढाका के कई इलाक़ों में दूकानें भी बंद हैं. विपक्षी प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह चौकियाँ बना रखी हैं और गाड़ियों को आने-जाने से रोक रहे हैं.
दूसरी ओर बांग्लादेश में कार्यवाहक सरकार का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद ने कहा है कि चुनाव 22 जनवरी को ही होंगे. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का कार्यकाल ख़त्म होने के बाद से ही वे अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं.
रविवार रात में राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने कहा था कि आंदोलन ख़त्म करने के लिए अंतरिम प्रशासन विपक्ष से सलाह-मशविरा करेगा.
आवामी लीग का कहना है कि रास्ता-रोको आंदोलन शुरू होने से पहले ही उसके 1000 कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया था.
पार्टी का कहना है कि सरकार वर्ष 2000 की मतदाता सूची का ही इस्तेमाल कर रही है जबकि कुछ साल पहले एक नई सूची बनाई गई थी.