सोमवार, 08 जनवरी, 2007 को 09:31 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, डिब्रूगढ़ से
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम के गुवाहाटी शहर में सेना की छावनी के बाहर बम धमाका हुआ है. इसमें पाँच लोग घायल हुए हैं जिनमें दो सैनिक हैं.
अभी तक हिंसा की घटनाओं से गुवाहाटी अछूता रहा है और घटनाएँ असम के दूरदराज के इलाक़ों में हुईं हैं लेकिन पहली बार गुवाहाटी को निशाना बनाया गया है.
साथ ही वहाँ हिंदी भाषी लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा का दौर जारी है.
हिंसा के ख़िलाफ़ एक ओर तो लोग सड़कों पर उतरे तो दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोगों का इलाक़े से पलायन भी जारी है.
असम के दौरे पर गए रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने हिंदी भाषी लोगों से अपील की है कि वे राज्य छोड़कर ना जाए.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को मदद दे रही है और विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सोमवार तड़के हुई हिंसा में सात और हिंदी भाषी लोगों की हत्या कर दी गई है.
हिंसा की ताज़ा घटना डिब्रूगढ़ के दिमोव शहर के निकट हुई. यहाँ एक ईंट भट्ठे के सात मज़दूरों की गोली मार कर हत्या कर दी गई.
एक स्थानीय कांग्रेस नेता की भी गोली मार कर हत्या कर दी गई है. असम में कांग्रेस पार्टी की ही सरकार है.
शुक्रवार से हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में अभी तक 69 लोगों की मौत हो गई है. असम सरकार ने इन घटनाओं के लिए अलगाववादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (अल्फ़ा) को ज़िम्मेदार ठहराया है.
हालाँकि अभी तक अल्फ़ा ने ना तो इन घटनाओं की ज़िम्मेदारी ही स्वीकार की है और ना इसका खंडन किया है.
'बात नहीं'
असम के दौरे पर गए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने रविवार को ही स्पष्ट किया था कि जब तक अल्फ़ा असम की आज़ादी की अपनी मांग को नहीं छोड़ता, उससे बात नहीं की जाएगी.
इस बीच हिंसा के प्रभावित ज़िलों से हिंदी भाषी लोग भागने लगे हैं. ज़िले के लगभग सभी रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ है और लोग पहली ही ट्रेन पकड़कर वहाँ से जाना चाहते हैं.
लोगों में इसलिए भी घबराहट है क्योंकि हिंसा में कोई कमी नहीं आ रही. प्रभावित इलाक़ों में बेमियादी कर्फ़्यू लगा है और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात हैं लेकिन हिंसा भी जारी है.
नाराज़ लोगों ने रविवार को सड़क भी जाम किया और आज भी उनका प्रदर्शन जारी है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी.
उन्होंने यहाँ तक कहा कि अल्फ़ा विद्रोहियों को छह महीने के अंदर ख़त्म कर दिया जाएगा. दिल्ली पहुँचने के बाद उन्होंने कहा कि तीन हज़ार अतिरिक्त सुरक्षाबलों को असम भेजा जा रहा है.