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रविवार, 07 जनवरी, 2007 को 15:07 GMT तक के समाचार

मोनिका चड्ढ़ा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई

चुनाव मैदान में उतरीं बार बालाएँ

मुंबई की बेरोज़गार बार बालाओं ने एक फरवरी को होने वाले नगरपालिका के चुनावों में हिस्सा लेने का फ़ैसला किया है.

इनका मानना है चुनाव में उतरने से वर्ष 2005 में उन पर लगे प्रतिबंध को हटाने में मदद मिलेगी.

राज्य में एक फरवरी को स्थानीय निकाय के चुनाव होने हैं.

महाराष्ट्र सरकार के राज्य के सभी डांस बारों पर प्रतिबंध लगाने के फ़ैसले के बाद लगभग 1400 डांस बार की एक लाख से अधिक लड़कियों को अपने काम से हाथ धोना पड़ा था.

प्रशासन का कहना है कि डांस बारों की वजह से अपराध और वेश्यावृत्ति की घटनाएँ बढ़ती हैं.

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महाराष्ट्र के बार मालिकों के संगठन के अध्यक्ष मंजित सिंह सेठी ने बीबीसी को बताया कि अगर उनका प्रतिनिधित्व सरकार में रहेगा तो प्रतिबंध हटाने की कोशिशों को बल मिलेगा.

मंजित सिंह ने कहा, "अपनी आवाज़ उठाने के लिए हमारे पास कोई मंच नहीं है इसलिए हमने सोचा कि नगर पालिकाओं और विधानसभाओं में हमारा प्रतिनिधित्व होना चाहिए."

उन्होंने कहा कि इन चुनावों में वे पूरी ताकत से लड़ेंगे और ज़्यादा से ज़्यादा प्रत्याशी खड़ा करने की कोशिश करेंगे.

मंजीत सिंह ने कहा कि पहले भी एक बार मालिक और बार डाँसर स्थानीय निकाय के चुनाव जीत चुके हैं.

मंजित सिंह ने कहा, "उनके चुनाव जीतने पर हमें पता चला कि लोग हमारे साथ हैं न कि हमारे ख़िलाफ़."

मंजित सेठी ने स्पष्ट किया कि सिर्फ डांस बार से जुड़े़ लोगों को ही चुनाव में उतारा जाएगा. डांस बारों पर प्रतिबंध का मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है.

बार डांसरों के राष्ट्रीय संगठन की अध्यक्षा वर्षा काले कहती हैं कि बहुत-सी बार बालाओं ने ख़ुद राजनीति में घुसकर अपनी लड़ाई लड़ने की इच्छा ज़ाहिर की थी.

इस कोशिश को एक सकारात्मक पहल बताते हुए उन्होंने चेताया कि हो सकता है इस बार ये लोग चुनाव न जीत पाएँ.

उन्होंने कहा,"चुनावों में अब बहुत कम समय बचा है और अधिकतर बार बालाओं के बेरोज़गार होने की वजह से हमारे पास उतनी ताक़त भी नहीं है जितनी की चुनाव जीतने के लिए ज़रूरी होती है."