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रविवार, 07 जनवरी, 2007 को 06:28 GMT तक के समाचार

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में विपक्षी दलों के देशव्यापी रास्ता-रोको आंदोलन के पहले दिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं हैं जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं.

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और रबर की गोलियों और आँसू गैस का इस्तेमाल किया.

प्रमुख विपक्षी दल अवामी लीग के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने सड़क, रेलमार्ग और बंदरगाहों को बंद करने का आह्वान किया है. विपक्षी दल चुनाव टालने की मांग कर रहे हैं.

बांग्लादेश में 22 जनवरी को चुनाव होने हैं लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव सुधारों के बिना ये चुनाव स्वतंत्र नहीं होंगे.

उन्होंने चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा पहले ही कर दी थी. हालाँकि बांग्लादेश के राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद का कहना है कि चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे.

तनाव

राजधानी ढाका सहित पूरे देश में हज़ारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज़्यादातर लोगों ने घर पर रहने का फ़ैसला किया है क्योंकि स्थिति तनावपूर्ण है. पिछली बार जब हड़ताल हुए थे तो देश में हिंसा में कम से कम 30 लोग मारे गए थे.

सुरक्षाबलों ने कई जगह प्रदर्शन करती भीड़ पर लाठी चार्ज किया है.

अवामी लीग का कहना है कि प्रदर्शन शुरु होने से पहले ही एक हज़ार कार्यकर्तांओं को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

विपक्षी दलों के प्रवक्ता अब्दुल जलील ने कहा है, "हम इस झूठे चुनाव को स्वीकार नहीं करेंगे. यदि सरकार चुनाव करवाती है तो हम देश को कई हफ़्ते बंद कर सकते हैं."

विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव वर्ष 2000 की मतदाता सूची के आधार पर होना चाहिए न कि पिछले कुछ बरसों में बनी सूची के आधार पर.

लेकिन राष्ट्रपति अहमद ने कहा है कि संविधान के अनुसार 90 दिनों के भीतर चुनाव करवाना ज़रुरी है और इसलिए चुनाव समय पर ही होंगे.

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने अंतरिम प्रशासन को अक्तूबर में सत्ता सौंपी थी.