शनिवार, 06 जनवरी, 2007 को 17:34 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, गुवाहाटी से
भारतीय पूर्वोत्तर राज्य असम के मध्यवर्ती ज़िले कारबी आँग्लाँग में शनिवार को बारूदी सुरंग के विस्फोट में कम से कम पाँच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है.
यह जानकारी राज्य पुलिस की ओर से दी गई है. इस तरह पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में हिंसक हमलों में मारे गए लोगों की तादाद बढ़कर 53 हो गई है.
पुलिस का कहना है कि बारूदी सुरंग के विस्फोट में भी अलगाववादी संगठन उल्फ़ा का हाथ हो सकता है.
हालांकि उल्फ़ा या किसी अन्य चरमपंथी संगठन ने अभी तक इसकी ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
इससे पहले असम के पुलिस महानिदेशक आरएन माथुर ने बीबीसी को बताया था कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में अलग-अलग जगहों पर हुई हिंसा की घटनाओं में कुल 48 लोग मारे गए हैं.
केंद्र की चिंता
राज्य में हिंसक हमलों में तेज़ी आने के बाद की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल असम भेजा जा रहा है.
उधर नई दिल्ली में गृह मंत्री शिवराज पाटिल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया.
बीबीसी के साथ बातचीत में असम के पुलिस महानिदेशक आरएन माथुर ने बताया कि हिंसा में बाहर के राज्यों से आए हिंदी भाषी लोगों को निशाना बनाया गया है और मारे गए लोगों में से अधिकांश उत्तर भारत के रहनेवाले हैं.
उन्होंने बताया कि तिनसुकिया ज़िले में आठ जगह और डिब्रूगढ़ ज़िले में दो जगह हिंसा की ये घटनाएँ हुई हैं.
संकट
भारत सरकार और उल्फ़ा विद्रोहियों के बीच चल रही वार्ता पिछले वर्ष सितंबर में रुक गई थी और इसके बाद सुरक्षाबलों ने फिर से उल्फ़ा विद्रोहियों के विरूद्ध कार्रवाई शुरू कर दी.
इसके बाद विद्रोहियों के हमलों में काफ़ी तेज़ी आ गई और उन्होंने गुवाहाटी में भी कई हमले किए.
असम और पूर्वोत्तर भारत के कई प्रदेशों में हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से पहले विद्रोहियों की ओर से हिंसा तेज़ किए जाने का ख़तरा बना रहता है.
इसके अलावा अगले महीने असम में राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन होना है.