शुक्रवार, 05 जनवरी, 2007 को 04:01 GMT तक के समाचार
निजी सचिव की हत्या के मामले में उम्रक़ैद की सज़ा काट रहे शिबू सोरेन 31 साल पुराने चिरूडीह नरसंहार मामले में झारखंड की जामताड़ा अदालत में पेश हुए.
अदालत ने उन्हें 16 जनवरी को फिर सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने को कहा है इसलिए उन्हें अगले 11 दिनों तक झारखंड में ही रखने की व्यवस्था की जा रही है.
जब तक मामले की सुनवाई होगी तब तक शिबू सोरेन को दुमका सेंट्रल जेल में रखा जाएगा.
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री शिबू सोरेन को उनके निजी सचिव शशिनाथ झा की हत्या के मामले में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी. इसके बाद वो तिहाड़ जेल में सज़ा काट रहे थे.
इस बीच झारखंड में जामताड़ा की निचली अदालत ने चिरूडीह नरसंहार मामले में उन्हें शुक्रवार को पेश होने को कहा था.
इसकी तामील के लिए शुक्रवार तड़के दिल्ली पुलिस की सुरक्षा में शिबू सोरेन जामताड़ा पहुँचे जहाँ उन्हें सिंचाई विभाग के डाक बंगला में रखा गया है और इसे अस्थायी कैंप जेल बना दिया गया है.
इस बीच उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता भारी संख्या में जामताड़ा पहुँच रहे हैं. इनमें राज्य के उपमुख्यमंत्री सुधीर महतो भी शामिल हैं.
पार्टी अभी इस बात पर विचार कर रही है कि राज्य सरकार का समर्थन कर रही कांग्रेस के साथ किस तरह के रिश्ते रखे जाएँ.
चिरूडीह नरसंहार
चिरूडीह नरसंहार का मामला वर्ष 1975 का है जब शिबू सोरेन ने संथाल परगना में सूदख़ोरों और महाजनों के ख़िलाफ़ अभियान शुरू किया था.
इसी दौरान चिरूडीह गाँव में उनकी सभा में कुछ लोगों ने हमला किया जिसके जवाब में सोरेन समर्थक आदिवासियों ने कुछ घरों में आग लगा दी और इसमें दस लोग मारे गए थे.
शिबू सोरेन के खिलाफ़ मामला दर्ज किया गया. लगभग 30 सालों तक पुलिस की नज़र में फरार रहने के बाद उनके ख़िलाफ़ वर्ष 2004 में वारंट जारी किया गया.
वारंट के मद्देनज़र उन्होंने जामताड़ा की निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया और अब इस मामले की सुनवाई चल रही है.