शुक्रवार, 05 जनवरी, 2007 को 14:15 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ से
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव दिल्ली के निकट बसे औद्योगिक नगर नोएडा के सनसनीखेज़ नरकंकाल कांड की छानबीन केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के लिए तैयार हो गए हैं.
इससे पहले गुरूवार को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्हें सुझाव दिया गया था कि इस मामले को सीबीआई को सौंपने पर विचार किया जाए.
उत्तर प्रदेश सरकार अब तक मामले को सीबीआई को सौंपने से कतराती रही है, उनका कहना था कि पुलिस अपना काम कर रही है इसलिए सीबीआई को मामला सौंपने की ज़रूरत नहीं है.
जल्दी-जल्दी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे राज्यपाल का पत्र मिला, उन्होंने लिखा कि मैं सीबीआई जाँच से इनकार कर रहा हूँ, लेकिन आप सभी साक्षी हैं कि मैंने कभी इनकार नहीं किया. मैं निठारी कांड की जाँच सीबीआई से कराने की घोषणा करता हूँ."
मुख्यमंत्री ने मेरठ की लेक्चरर कविता चौधरी की गुमशुदगी के मामले की जाँच भी सीबीआई को सौंपने की बात कही.
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री चौतरफ़ा राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे थे और भारतीय जनता पार्टी के नेता कल्याण सिंह ने शनिवार से इस मामले को लेकर धरना देने की घोषणा कर दी थी.
इस मामले को लेकर केंद्र सरकार से भी राज्य सरकार के टकराव स्पष्ट रूप से सामने आ चुके हैं.
जाँच
इस बीच, इस कांड के सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए दोनों अभियुक्तों सुरेंद्र सिंह और मोहिंदर सिंह पंधेर से सच जानने के लिए 'नारको टेस्ट' और लाइ डिटेक्टर टेस्ट का सहारा लिया जा रहा है.
केंद्र सरकार पहले ही एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर चुकी है जो मामले में पुलिस की भूमिका की जाँच कर रही है.
राज्य सरकार ने भी गुरूवार को एक जाँच समिति के गठन की घोषणा की है.
नोएडा नरकंकाल कांड के सिलसिले में निठारी गाँव में बच्चों की हत्या के मामले में छह पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है.
भारी जनाक्रोश के कारण तीन अन्य पुलिस अधिकारी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं.