शुक्रवार, 05 जनवरी, 2007 को 18:14 GMT तक के समाचार
पूर्वात्तर भारत के राज्य असम के डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया ज़िले में अलग-अलग जगहों पर हुए विस्फोटों में कम-से-कम 14 लोगों की मौत हो गई है और तीन लोग घायल हो गए हैं.
अधिकारियों ने हमलों के पीछे चरमपंथी गुट युनाइटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ़ असम (उल्फा) के विद्रोहियों का हाथ होने का संदेह जताया है.
पुलिस के अनुसार चारों हमले शुक्रवार शाम को तीन घंटों के भीतर हुए. इनमें दो हमले डिब्रूगढ़ और दो तिनसुकिया ज़िले में हुए.
राज्य के पुलिस महानिदेशक आर एन माथुर ने बताया कि मारे गए लोगों में से एक को छोड़कर अन्य सभी बिहार के रहनेवाले हैं.
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जिन जगहों पर विस्फोट हुए हैं वे गुवाहाटी से काफ़ी दूर हैं और वे स्वयं शनिवार को घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायज़ा लेंगे.
अल्फ़ा पर संदेह
राज्य पुलिस ने हमले के पीछे अल्फ़ा का हाथ होने की आशंका जताई है लेकिन अल्फ़ा ने इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा है.
राज्य के पुलिस महानिदेशक आर एन माथुर के अतिरिक्त खुफिया पुलिस के प्रमुख खगेन शर्मा ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास हैं कि इनके पीछे अल्फ़ा का ही हाथ है.
पुलिस महानिदेशक ने कहा,"इस बात का पूरा अंदेशा है कि हमले के पीछे अल्फ़ा का ही हाथ है. हमारे सुरक्षाबलों ने उनके ख़िलाफ़ अभियान चलाया हुआ है".
भारत सरकार और अल्फ़ा विद्रोहियों के बीच चल रही वार्ता पिछले वर्ष सितंबर में रुक गई थी और इसके बाद सुरक्षाबलों ने फिर से अल्फ़ा विद्रोहियों के विरूद्ध कार्रवाई शुरू कर दी.
इसके बाद विद्रोहियों के हमलों में काफ़ी तेज़ी आ गई और उन्होंने गुवाहाटी में भी कई हमले किए.
आशंका
असम और पूर्वोत्तर भारत के कई प्रदेशों में हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से पहले विद्रोहियों की ओर से हिंसा तेज़ किए जाने का ख़तरा बना रहता है.
असम की ख़ुफ़िया पुलिस के प्रमुख खगेन सरमा ने आशंका जताई कि हमलों का उद्देश्य गणतंत्र दिवस से जुड़े आयोजनों को प्रभावित करना हो सकता हैं.
इसके अलावा अगले महीने असम में राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन होना है.
लेकिन राज्य पुलिस महानिदेशक ने इस बारे में कहा,"हमारी तैयारियाँ पूरी हैं और हमने एक दिन पहले ही उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की. उसके मुताबिक़ हमारी तैयारी पूरी है."