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गुरुवार, 04 जनवरी, 2007 को 15:59 GMT तक के समाचार

'बाड़ और बारूदी सुरंग मुख्य विकल्प'

पाकिस्तान ने ज़ोर देकर कहा है कि वह अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर कँटीले बाड़ और बारूदी सुरंगे लगाना चाहता है.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ ने कहा कि उनकी सरकार आपत्तियों के बावजूद अपनी योजना को आगे बढ़ाना चाहती है.

अफ़ग़ानिस्तान का कहना है कि सीमा पर बारूदी सुरंग बिछाने का विचार बहुत ही ख़तरनाक है क्योंकि उनकी वजह से आम नागरिकों की जान जाएगी.

अफ़ग़ानिस्तान की करज़ई सरकार पाकिस्तान पर लगातार आरोप लगाती रही है कि वह चरमपंथ को रोकने के लिए ठोस क़दम नहीं उठा रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति करज़ई ने गुरूवार की बैठक को "रिश्तों के पुल जोड़ने की दिशा में एक ज़रूरी क़दम बताया है."

अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के पतन के बाद से पाकिस्तान सरकार से उसके रिश्ते मधुर नहीं रहे हैं और दोनों देशों के बीच सार्वजनिक तौर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा है.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई का कहना है कि बाड़ लगाने से चरमपंथियों को रोका नहीं जा सकेगा अलबत्ता पश्तून परिवार दो देशों के बीच बँट जाएँगे.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के लोग पहले बारूदी सुरंगों की मार झेल चुके हैं और जानते हैं कि उनका क्या परिणाम होता है.

हामिद करज़ई ने ज़ोर देकर कहा, "अगर पाकिस्तान तालेबान चरमपंथ को काबू में करना चाहता है तो उसका सही तरीक़ा है यह है कि वह पाकिस्तान में उनके ट्रेनिंग कैंपों और छिपने के ठिकानों को ख़त्म करे."

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, "हम कई विकल्पों के बारे में सोच रहे हैं जिनमें बाड़ लगाना और कुछ चुनिंदा इलाक़ों में बारूदी सुरंग लगाना शामिल है ताकि लोगों को सीमा पार करने से रोका जा सके."

काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रवैए से साफ़ लगता है कि वे अपनी योजना पर हर हाल में अमल करना चाहते हैं.

दूसरी ओर, अफ़ग़ानिस्तान का रूख़ भी इस मामले में काफ़ी स्पष्ट है कि वह इसके ख़िलाफ़ है, ऐसे में दोनों देशों के पहले से बिगड़े संबंधों में और कड़वाहट आ सकती है.