शुक्रवार, 29 दिसंबर, 2006 को 12:58 GMT तक के समाचार
तालेबान के नेता मुल्ला उमर ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के क़बायली पंचायत (जिरगा) साझा बैठक करें.
मुल्ला उमर के नाम से जारी किए गए संदेश में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच साझा जिरगा आयोजित करना एक साज़िश है.
पिछले पाँच वर्षों से अमरीका की गिरफ़्त से बच रहे मुल्ला उमर ने कहा, "कोई भी मुसलमान ऐसी किसी साज़िश में शामिल नहीं होगा जो हमलावरों और उसके पिट्ठुओं ने मिलकर बनाई हो."
मुल्ला उमर के ऊपर अमरीका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया है, पिछले पाँच वर्षों से उनकी और अल क़ायदा के शीर्ष नेता ओसामा बिन लादेन की तलाश ज़ोर-शोर से जारी है.
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की सरकार ने मिलकर साझा जिरगा आयोजित करने का निर्णय किया है ताकि अफ़ग़ानिस्तान में जारी हिंसा को समाप्त किया जा सके.
मुल्ला उमर के इस कथित संदेश में कहा गया है कि तालेबान कभी हार नहीं मानेंगे.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी की काबुल यात्रा के दौरान निर्णय लिया गया था कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में रहने वाले क़बायली नेता एक साथ मिल-बैठकर तालेबान की समस्या के हल पर विचार करें.
लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है.
बक़रीद के एक दिन पहले जारी किए गए इस संदेश में कहा गया है, "दुश्मन को पराजित और शर्मिंदा होकर इस इलाक़े से जाना होगा, अफ़ग़ानों का इतिहास गवाह है कि उन्होंने दुश्मनों को हमेशा मार भगाया है."
इस बीच अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा का दौर जारी है, गुरूवार को भी खोस्त प्रांत में नैटो के सैनिकों ने 10 चरमपंथियों को मारने का दावा किया है, इन चरमपंथियों ने एक पुलिस चौकी पर हमला किया था.