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गुरुवार, 28 दिसंबर, 2006 को 14:20 GMT तक के समाचार

रियाज़ सूहैल
बीबसी उर्दू, कराची

लापता हैं पाकिस्तान के दो हिंदू

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के उमरकोट इलाक़े से दो अल्पसंख्यक बीते कई महीने से लापता हैं.

लापता चेतन कुमार और गोवर्धन दास के परिवार वालों का कहना है कि कुछ लोग सादे ड्रेस में आए और उन्हें ले गए.

उमरकोट भारत की सीमा पर लगा सबसे बड़ा शहर है. यहाँ बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक रहते हैं और यहां पर इंटेलिजेंस की सख्त निगरानी रहती है. यहाँ के अल्पसंख्यक अक्सर आरोप लगाते हैं कि उनके साथ ज़्यादती की जाती है.

चेतन कुमार के बेटे शंकर बेजर ने बीबीसी को बताया कि 18 जुलाई की रात उसके पिता घर में थे कि सादे ड्रेस में आठ लोग आए और उन्हें मारना पीटना शुरू किया और उसके बाद वह उन्हें एक गाड़ी में डाल कर अज्ञात स्थान की तरफ़ ले गए.

शंकर ने बताया कि जब वह उमरकोट थाने गए तो एसएचओ ने यह कहते हुए मुक़दमा दायर करने से इनकार कर दिया कि ख़ुफ़िया अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर नहीं किया जा सकता.

चेतन को इससे पहले 2001 में सिंध में रेलवे लाइन पर हुए बम विस्फोट के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. इसके बाद दिसंबर 2005 में सिंध हाई कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बेक़सूर पाते हुए बरी कर दिया था.

शंकर बेजर ने कहा कि उसके पिता को पहले भी 15 दिनों के लिए ग़ायब कर दिया गया था और बाद में टीवी पर उन्हें आतंकवादी के तौर पर दिखाया गया था.

शंकर ने कहा कि उसके पिता का न तो किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध है और न ही उनके कोई रिश्तेदार भारत में रहते हैं. वह कभी भारत नहीं गए.

गोवर्धन दास उर्फ़ जीएम भगत की पत्नी सीता बाई ने बताया कि उसके पति बीमार थे और वह उस दिन दवा लेने डॉक्टर के पास गए थे.

सीता बाई ने बताया कि 18 वर्ष पहले जब उसके पति जिए सिंध पार्टी के कार्यकर्ता थे तो उन्हें गिरफ्तार किया गया था. काफ़ी दिनों के बाद उन्हें रिहा किया गया था जिसके बाद उन्होंने राजनीति छोड़ दी थी.