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प्रधानमंत्री के अनुरोध पर ममता मानीं

सिंगुर में टाटा के संयंत्र के लिए ज़मीन के अधिग्रहण का विरोध कर रहीं ममता बैनर्जी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आश्वासन पर अपना अनशन समाप्त कर दिया है.

वे पिछले 25 दिनों से कोलकाता में भूख हड़ताल कर रही थीं, उनका रक्तचाप काफ़ी गिर गया था और डॉक्टरों का कहना था कि उनका जीवन ख़तरे में पड़ सकता है.

ममता बैनर्जी ने अनशन ख़त्म करने की घोषणा करते हुए कहा, "मैं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अनुरोध पर भूख हड़ताल ख़त्म कर रही हूँ. उन्होंने मुझे फ़ोन कर हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया था."

हालाँकि उन्होंने आपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया. ममता बैनर्जी का कहना था, "हमारा आंदोलन कृषि ज़मीन बचाओ कमेटी के बैनर तले जारी रहेगा जब तक कि हमारा मकसद पूरा नहीं हो जाता."

ममता बैनर्जी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चिट्ठी भी आज ही मिली जिसमें आश्वासन दिया गया है कि "राज्य सरकार खुले दिल से हर मुद्दे पर विचार-विमर्श करने को तैयार है."

गुरूवार को पहले ख़बर आई थी कि तृणमूल काँग्रेस नेता ममता बैनर्जी ने मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, मुख्यमंत्री ने उनसे सिंगुर मामले पर बातचीत करने की पेशकश की थी.

प्रदर्शन

गुरूवार को दिल्ली में भी सिंगुर में ज़मीन अधिग्रहण के विरोध में ग़ैर सरकारी संगठनों ने पश्चिम बंगाल भवन के बाहर प्रदर्शन किए.

इस प्रदर्शन में जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता और नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर भी मौजूद थीं, उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल सरकार ममता बैनर्जी की तबीयत के और बिगड़ने का इंतज़ार कर रही है."

इसी प्रदर्शन में शामिल हुए पूर्व न्यायाधीश और मानवाधिकार आंदोलन के प्रबल समर्थक राजिंदर सच्चर ने कहा, "भारत में 28 प्रतिशत लोग ग़रीबी रेखा के नीचे जी रहे हैं ऐसी हालत में एक लाख रूपए में कार बनवाना किस तरह से सरकार की प्राथमिकता हो सकती है, यह कोई जन कल्याणकारी योजना नहीं है जिसके लिए लोगों को विस्थापित किया जाए."

सिंगुर में ज़मीन के अधिग्रहण के मामले पर गुरूवार को ही विपक्षी गठबंधन एनडीए के नेताओं ने राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाक़ात की थी और उनसे इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था.