बुधवार, 27 दिसंबर, 2006 को 18:27 GMT तक के समाचार
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई)ने महाराष्ट्र के भंडारा ज़िले में दलित परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में 11 लोगों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाखिल किया है.
यह घटना सितंबर में भंडारा ज़िले के खैरलांजी में हुई थी और इसके बाद दलितों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया था.
राज्य सरकार ने मामला तूल पकड़ता देख पूरे मामले की छानबीन सीबीआई से कराने का आदेश दिया था.
इसी के मद्देनज़र सीबीआई ने बुधवार को 11 लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक षडयंत्र रचने, हत्या, महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने और सबूत मिटाने की कोशिश करने का अभियोग लगाया.
सीबीआई का कहना है कि 35 और लोगों के ख़िलाफ़ वह जाँच कर रही है.
मामला
सिंतबर महीने में कुछ लोगों ने दलित किसान भैया लाल की पत्नी और उनके तीन बच्चों की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी.
इसके बाद भैया लाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को तुरंत न्याय दिलाने और वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी.
इसके बावजूद दलितों का कहना था कि उनके जीवन और प्रतिष्ठा की रक्षा करने में सरकार विफ़ल रही है.
स्थिति बिगड़ता देख सीबीआई से जाँच कराई गई. हालाँकि सीबीआई ने जो आरोपपत्र दाखिल किया है उसमे कहा गया है कि महिलाओं के पोस्टमॉर्टम से यह पता नहीं लगा कि हत्या से पहले उनके साथ बलात्कार किया गया था.