रविवार, 24 दिसंबर, 2006 को 02:10 GMT तक के समाचार
उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
आंध्रप्रदेश में बिजली की लुकाछिपी से परेशान किसानों ने कई जगहों पर तोड़-फोड़ की है.
आंध्रप्रदेश भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ किसानों को मुफ़्त बिजली मिलती है.
मुफ़्त बिजली मिलने के बावजूद किसानों में भारी गुस्सा है. इसे देखते हुए राज्य सरकार केंद्रीय कोटे से बिजली खरीदने की तैयारी कर रही है.
गुस्साए किसानों ने करीमनगर ज़िले में वेमुलवाड़ा बिजली केंद्र पर धावा बोल कर कई उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया और वहाँ रखे गए फर्नीचर तोड़ डाले.
उन्होंने यातायात भी बाधित कर दिया. बिजली को लेकर चौथी बार किसानों ने इस तरह तोड़-फोड़ की है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्रीय पूल से 115 मेगावाट बिजली खरीदने का फ़ैसला किया है.
मुफ़्त बिजली
राज्य के बिजली मंत्री मोहम्मद अली शब्बीर ने बीबीसी को बताया कि सरकार किसानों को हर दिन सात घंटे बिजली मुफ़्त देने के निर्णय पर कायम है.
दूसरी ओर किसानों का कहना है कि उन्हें दिन में सिर्फ़ तीन से चार घंटे के लिए बिजली मिलती है जिससे खेतों में सिंचाई का काम बाधित हो रहा है.
बिजली मंत्री का कहना है कि इस सीजन में अच्छी बारिश होने के कारण अधिक भूभाग पर फ़सलों की बुआई हुई है जिससे बिजली की माँग बढ़ गई.
उन्होंने बताया कि दो साल पहले सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले पंपसेटों की संख्या 22 लाख थी जो अब बढ़ कर 30 लाख हो गई है.
बिजली की माँग और आपूर्ति के बीच का अंतर दो हज़ार मेगावाट पहुँचने की आशंका है.