शनिवार, 23 दिसंबर, 2006 को 10:08 GMT तक के समाचार
रावलपिंडी में हुई बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान सर क्रीक पर संयुक्त सर्वेक्षण पर सहमत हो गए हैं. भारत और पाकिस्तान के सैनिक अधिकारियों के बीच पिछले दो दिनों से बातचीत चल रही थी.
बातचीत के बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच सदभावनापूर्ण माहौल में बातचीत हुई और सर्वेक्षण के तकनीकी पहलुओं का हल भी निकाल लिया गया है.
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संयुक्त सर्वेक्षण का काम 15 जनवरी से शुरू होगा.
बातचीत में भारतीय दल का नेतृत्व नैसेना के मुख्य हाइड्रोग्राफर एडमिरल बीआर राव और पाकिस्तानी दल का नेतृत्व सर्वेयर जनरल मेजर जनरल जमीलुर रहमान ने किया.
महत्व
पाकिस्तान के सिंध प्रांत और भारतीय प्रांत गुजरात के बीच पड़ने वाले इस इलाक़े का सामरिक महत्व बहुत ज़्यादा नहीं है और इसके आसपास कोई बड़ी आबादी भी नहीं है. लेकिन दोनों ही देश इसे अपने क़ब्ज़े में रखना चाहते हैं.
गैस और तेल की खोज भी विवाद के कारण रुकी पड़ी है. इस इलाक़े से कई बार दोनों देश एक-दूसरे के मछुआरों को पकड़ते रहे हैं.
इससे पहले वर्ष 2005 में भी 100 किलोमीटर सर क्रीक क्षेत्र का एक संयुक्त सर्वेक्षण किया गया था जिसमें क़रीब 80 साल पहले कच्छ और सिंध के अधिकारियों के लगाए हुए सीमा स्तंभों की पहचान करने की कोशिश की गई थी.
इस क्षेत्र की सीमा निर्धारित होने से दोनों देश अपने समुद्री आर्थिक ज़ोन को अंतिम रूप दे सकेंगे.
दोनों पड़ोसी देशों में हाल के वर्षों कई विवादित मुद्दों पर वार्ता हो चुकी है और इससे संबंध भी सुधर रहे हैं.
इसी के तहत शुक्रवार को दोनों देशों ने अपनी जेलों में क़ैद एक-दूसरे के कई कैदियों को रिहा कर दिया. हालाँकि इनमें से अधिकतर मछुआरे थे.