शुक्रवार, 22 दिसंबर, 2006 को 09:06 GMT तक के समाचार
नेपाल सरकार ने माओवादियों के साथ चल रही शांति प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए पूर्व गोरखा सैनिकों की नियुक्ति प्रकिया शुरू कर दी है.
इसके तहत ऐसे पूर्व सैनिकों को नियुक्त किया जाएगा जो भारतीय और ब्रितानी सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. ये सैनिक माओवादी विद्रोहियों से जमा कराए गए हथियारों की निगरानी करेंगे.
हाल ही में नेपाल की बहुदलीय सरकार के साथ माओवादी विद्रोहियों ने 10 वर्ष से ज़्यादा समय से जारी संघर्ष को ख़त्म करने के लिए निरस्त्रीकरण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
इसके तहत हज़ारों माओवादी विद्रोही और उनके हथियार सात मुख्य कैंपों में रखे गए हैं. इनकी निगरानी के लिए 111 पूर्व गोरखा सैनिकों की नियुक्ति अस्थायी रूप से की जानी है.
इसके लिए शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने पूर्व गोरखा सैनिकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं.
इस बाबत गृह मंत्रालय का कहना है कि जब तक संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षक नहीं पहुँच जाते, ये सैनिक ही निगरानी का काम संभालेंगे.
उधर, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारयों का कहना है कि हथियारबंद निरीक्षकों के बहुराष्ट्रीय दल को नेपाल पहुँचने में दो महीने तक का समय लग सकता है.