शुक्रवार, 22 दिसंबर, 2006 को 05:04 GMT तक के समाचार
अगले तीन दिनों तक चलने वाली भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुरू हो रही है.
इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, भाजपा की त्रिमूर्ति कहे जाने वाले नेता अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी लखनऊ पहुँच गए हैं.
माना जा रहा है कि उत्तर भारत में अगले वर्ष की शुरुआत में संभावित विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र लखनऊ में पार्टी ने इस बैठक का आयोजन किया है.
वैसे तो इस बैठक में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक होनी है पर बीबीसी संवाददाता के मुताबिक बैठक में चर्चा का केंद्र बिंदु आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति ही होगा.
अगले वर्ष की शुरुआत में ही उत्तर भारत के तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं.
इसके अलावा पार्टी की नज़र गोवा और मणिपुर के चुनावों पर भी है और इस बैठक में उनके लिए रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी.
शक्ति प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए निकाय चुनावों में पार्टी को मिली सफलता से पार्टी उत्साहित नज़र आ रही है और जीत के इस क्रम को इस विधानसभा चुनावों में भी दोहराना चाहती है.
इस बैठक के मद्देनज़र लखनऊ में साज-सज्जा से लेकर कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी की ओर से ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं.
बैठक के अंतिम दिन पार्टी ने लखनऊ में एक विशाल रैली का आयोजन किया है जिसके माध्यम से वो अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहती है.
वजह यह है कि इस बैठक के साथ ही पार्टी राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार की अघोषित शुरुआत भी करना चाहती है.
पार्टी की ओर से इस बैठक में जो प्रस्ताव आएगा उसे शनिवार की शाम होने वाली भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सामने रखा जाएगा.
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह इस बैठक के साथ ही पार्टी के लिए नए पदाधिकारियों की घोषणा भी करेंगे.
हालांकि बीबीसी संवाददाता के मुताबिक पार्टी पर इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से कुछ लोगों को पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर दायित्व दिए जाने के लिए पड़ रहे दबाव की भी ख़बरें हैं.