गुरुवार, 21 दिसंबर, 2006 को 08:41 GMT तक के समाचार
1993 में हुए मुंबई धमाकों के सिलसिले में अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए अभिनेता संजय दत्त की ज़मानत अवधि 18 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी गई है.
पिछले महीने टाडा की विशेष अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा था कि संजय दत्त मुंबई धमाकों की साजिश रचने में शामिल नहीं थे. हालाँकि वे अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए.
संजय दत्त को 19 दिसंबर को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था. इसके बाद ज़मानत अवधि बढ़ाने की उनकी अर्जी स्वीकार करते हुए अदालत ने उन्हें गुरुवार तक की मोहलत दी थी.
गुरुवार को अदालत ने उनकी अर्जी पर फिर सुनवाई करते हुए ज़मानत अवधि 18 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी.
दलील
संजय की वकील फ़रहाना शाह ने अदालत से कहा था कि फ़िल्म की शूटिंग पूरी करने के लिए उन्हें और समय चाहिए.
उनकी दलील थी कि वो एक अभिनेता हैं और बीच में ही अपना काम नहीं छोड़ सकते क्योंकि इससे फ़िल्म निर्माताओं और निर्देशकों को वित्तीय घाटा होगा और उनकी छवि भी ख़राब होगी.
फ़रहाना का कहना था कि संजय क्रिसमस की छुट्टी अपनी बेटी त्रिशाला के साथ बिताना चाहते हैं जो अमरीका में पढ़ रही है.
मुंबई धमाकों के सिलसिले में पुलिस ने वर्ष 1993 में ही संजय दत्त को गिरफ़्तार किया था और 18 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली थी. मुंबई धमाकों में 257 लोग मारे गए थे