मंगलवार, 19 दिसंबर, 2006 को 06:57 GMT तक के समाचार
नेपाल सरकार की ओर से हाल में की गई नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए माओवादियों ने मंगलवार को राजधानी काठमांडू में हड़ताल का अह्वान किया है.
माओवादियों को सरकार के कुछ महत्वपूर्ण पदों पर की गई नियुक्तियों को लेकर आपत्ति है.
विरोध कर रहे माओवादियों का कहना है कि इन पदों पर नियुक्तियाँ तब तक नहीं की जानी चाहिए जबतक कि देश में नई संवैधानिक व्यवस्था और सरकार की बहाली नहीं हो जाती.
ग़ौरतलब है कि सोमवार को सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण पदों के लिए नियुक्त किए गए लोगों के नाम घोषित किए गए. इनमें 14 देशों में नेपाल के राजदूतों के भी नाम शामिल हैं.
इन नियुक्तियों पर सवाल उठा रहे माओवादियों के एक नेता ने चेतावनी दी है कि इससे देश में शांति बहाली के लिए चल रही प्रक्रिया ख़तरे में पड़ सकती है.
राजधानी काठमांडू के साथ ही ललितपुर और भक्तापुर में भी इस एक दिन की हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है.
हड़तालियों के दबाव के कारण स्कूल और बाज़ार बंद हो गए हैं और यातायात भी प्रभावित हुआ है.
नियुक्तियाँ
नेपाल में राजशाही के तख्ता पलट के बाद से ही कई पद रिक्त पड़े थे. इनमें से कुछ काफ़ी महत्वपूर्ण पद भी हैं.
सोमवार की जिन पदों पर सरकार की ओर से नियुक्तियाँ की गईं, उनमें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की घोषणा भी की गई.
इसके अलावा 14 देशों के लिए राजदूतों की भी घोषणा की गई. इनमें भारत, चीन के साथ ही अमरीका में नेपाली राजदूतों की घोषणा की गई.
ग़ौरतलब है कि माओवादियों ने हाल ही में सरकार के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.