शनिवार, 16 दिसंबर, 2006 को 17:42 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिकों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया है.
पाकिस्तान की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा कि यह क़दम भारत के पाकिस्तान के राजनयिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के जवाब में उठाया गया है.
उनका कहना था कि पाकिस्तानी राजनयिकों को दिल्ली से बाहर जाने की अनुमति नहीं है. यहाँ तक वे गुड़गाँवा और नोएडा तक नहीं जा सकते.
पाकिस्तान की प्रवक्ता का कहना था कि पाकिस्तान ने इन प्रतिबंधों को हटाने के संबंध में भारत से बात की थी लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया.
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
गौ़रतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिकों को निकाले जाने की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं.
इस साल अगस्त में पाकिस्तान सरकार ने एक भारतीय राजनयिक दीपक कौल पर जासूसी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए उनके निष्कासन का आदेश जारी कर दिया था.
इसके बाद भारत ने भी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत पाकिस्तानी राजनयिक मोहम्मद रफ़ीक अहमद को भारत छोड़ने के लिए कह दिया था.
नए विचारों का स्वागत
इधर भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि कश्मीर विवाद के हल के लिए वे नए विचारों का स्वागत करते हैं.
जापान से लौटते समय पत्रकारों से बात करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सामान्य करने की हर कोशिशों का स्वागत करता हूँ. अगर कोई नया विचार सामने आता है, तो हम उसका स्वागत करते हैं."
हाल ही में एक निजी टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कश्मीर विवाद के हल के लिए चार सूत्रीय फ़ॉर्मूला सुझाया था.
मनमोहन सिंह ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से पाकिस्तान के साथ गहन बातचीत चल रही है.
उन्होंने कहा, "मेरा हमेशा से कहना रहा है कि दक्षिण एशिया के लोगों की नियति जुड़ी हुई है. इसी कारण मैं दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य करने को उच्च प्राथमिकता देता हूँ. इसके लिए मैं जम्मू कश्मीर सहित सभी मुद्दों को हल करना चाहता हूँ."