बुधवार, 13 दिसंबर, 2006 को 13:23 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने सीधे-सीधे पाकिस्तान सरकार पर तालेबान लड़ाकों को समर्थन देने का आरोप लगाया है.
सिर्फ़ इस वर्ष अफ़ग़ानिस्तान में चार हज़ार लोग चरमपंथी हिंसा के शिकार हुए हैं.
करज़ई ने पाकिस्तान की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि वह अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को अपना 'दास' बनाना चाहता है.
अफ़ग़ान राष्ट्रपति पहले भी पाकिस्तान पर तालेबान लड़ाकों को संरक्षण देने और उन्हें प्रशिक्षण देने का आरोप लगाते रहे हैं लेकिन इस बार उन्होंने काफ़ी कड़ा रूख़ अख़्तियार किया है. हालाँकि पाकिस्तान इन आरोपों को बेबुनियाद बताता रहा है.
आरोप
कंधार के दौरे पर गए करज़ई ने निर्दोष लोगों को मारने के लिए नैटो सैनिकों की भी खिंचाई की.
उन्होंने पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए कहा, "पाकिस्तान ने हमें दास बनाने की उम्मीद नहीं छोड़ी है. लेकिन वे कामयाब नहीं होंगे. हमारे लोगों के ख़िलाफ़ ये ज़ुल्म पाकिस्तान को लोग नहीं कर रहे हैं बल्कि पाकिस्तान की सरकार कर रही है."
काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तालेबान लड़ाके पाकिस्तानी सीमा में आते जाते रहते हैं और इस बात पर चिंता बढ़ती जा रही है कि अफ़ग़ानिस्तान से सटे पाकिस्तानी इलाक़े वज़ीरिस्तान में चरमपंथी अपने को मजबूत बना रहे हैं.
पिछले कुछ महीनों में दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी हिंसा तेज़ हुई है.
करज़ई के बयान के एक दिन पहले ही हेलमंद प्रांत के गवर्नर के दफ़तर में हुए आत्मघाती हमले में छह लोग मारे गए.
पुलिस प्रमुख के मुताबिक हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह में हुए इस हमले में आठ घायल लोग घायल भी हो गए.