सोमवार, 11 दिसंबर, 2006 को 10:16 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में शामिल मंत्री स्तर के चार सलाहकारों ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
उन्होंने जनवरी में होने वाले चुनाव से पहले देश भर में सेना की तैनाती के खिलाफ़ ये क़दम उठाया है.
बांग्लादेश के राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद ने पिछले कुछ हफ़्तों में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सेना की तैनाती के आदेश दिए थे.
कैबिनेट मंत्री स्तर की सलाहकार सुल्ताना कमाल ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि स्थिति इतनी ख़राब नहीं थी कि सेना बुलाई जाए.
राष्ट्रपति के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ पूर्व सेना प्रमुख हसन मसूद चौधरी, अकबर अली ख़ान, पूर्व विदेश सचिव सीएम शफ़ी और सुल्ताना कमाल ने इस्तीफ़ा दिया है.
अकबर अली ख़ान ने समाचार एजेंसी रायटर से कहा, ''अग़र सलाहकार की भूमिका हम नहीं निभा पाएँ तो पद पर बने रहना बेकार है.''
राजनीतिक संकट
जानकारों का कहना है कि सरकार के दस सलाहकारों में से चार के इस्तीफ़े से बांग्लादेश में नया राजनीतिक संकट उत्पन्न हो सकता है. वहाँ 23 जनवरी को आम चुनाव होने हैं.
बांग्लादेश में ब्रिटेन के उच्चायुक्त अनवर चौधरी ने आशंका जताई है कि इस्तीफ़े का असर चुनावों पर भी पड़ सकता है. उन्होंने कहा,'' यह दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे और अनिश्चितता बढ़ेगी.''
बेग़म ख़ालिदा ज़िया ने पाँच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद अक्तूबर में इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद ने कार्यकारी सरकार की बागडोर अपने हाथों में ले ली.
आवामी लीग पार्टी की अध्यक्ष शेख हसीना ने अंतरिम सरकार पर ख़ालिदा ज़िया के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया है.