रविवार, 10 दिसंबर, 2006 को 15:32 GMT तक के समाचार
कांग्रेस ने देश के संसाधनों पर अल्पसंख्यकों के अधिकार वाले प्रधानमंत्री के बयान को सही कहा है. लेकिन भाजपा का कहना है कि इससे टकराव बढ़ेगा.
केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के सांसद राशिद अल्वी ने बीबीसी से कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लगा कि अल्पसंख्यकों के हित में कुछ करना चाहिए, इसीलिए उन्होंने ये बात कही है.
दूसरी ओर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के नेता शाहनवाज़ हुसैन का कहना था, "ये कह कर कि संसाधनों पर पहला हक़ मुसलमानों का है, सरकार लोगों को टकराव के रास्ते पर ले जाना चाहती है."
मुसलमानों का हाल
राशिद अल्वी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय में व्याप्त पिछड़ेपन को देखते हुए प्रधानमंत्री का बयान ठीक है.
उनका कहना था, "देश के अंदर जो अक़लियतें हैं, उनमें मुसलमानों की संख्या सबसे अधिक लगभग साढ़े तेरह प्रतिशत है. अगर ये कहा जाए कि देश के भीतर अल्पसंख्यक सिर्फ़ मुसलमान हैं तो ये कहना भी ग़लत नहीं होगा."
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, "जैसे ही मुसलमानों की बात होती है, भाजपा चिल्लाने लगती है कि धर्म और मजहब के आधार पर कुछ नहीं हो सकता."
इस पर सख़्त एतराज़ जताते हुए शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, "मुसलमान शब्द से हमें कोई परेशानी नहीं है. दरअसल कांग्रेस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद घबराई हुई है. मुसलमानों की इस तरह की हालत क्यों हुई, इसके लिए तो कांग्रेस ही ज़िम्मेदार है. यह रिपोर्ट कांग्रेस के लिए ही आईना है."
उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान को उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए कहा, "अभी मुलायम सिंह और कांग्रेस में होड़ मची है कि कौन मुसलमानों के बारे में ज़्यादा बोलता है. अगर सरकार ईमानदारी से प्रयास करे तो हम उसका समर्थन करेंगे."
राशिद अल्वी का कहना था कि सच्चर कमेटी बहुत पहले गठित हुई थी और यह महज इत्तिफ़ाक है कि रिपोर्ट अभी आई है.
उन्होंने कहा, "गुजरात में सांप्रदायिक दंगे के मामले में डीएनए की रिपोर्ट जो आई है, उसके बाद तो भाजपा पर से सबका भरोसा उठ गया है."