रविवार, 10 दिसंबर, 2006 को 17:47 GMT तक के समाचार
पूर्वी श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों और सेना के बीच पिछले दो दिनों से चल रहे भीषण संघर्ष की वजह से तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों को पलायन कर गए हैं.
तमिल विद्रोहियों का कहना है कि सेना ने कई शिविरों पर गोलाबारी की है जिससे कम से कम 20 नागरिकों की मौत हुई है.
सेना ने इसका खंडन किया है और कहा है कि सेना के 20 जवान मारे गए हैं.
तमिल विद्रोहियों और सेना के बीच भीषण संघर्ष उत्तर-पूर्वी ज़िले त्रिंकोमाली में चल रहा है.
रेडक्रॉस का कहना है कि इस संघर्ष के कारण तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों को अपना घर-बार छोड़कर जाना पड़ा है.
बहुत से लोगों ने मंदिरों और स्कूलों में शरण ली है.
तमिल विद्रोहियों ने सेना पर नए सिरे से संघर्ष शुरु करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सेना नागरिकों की हत्या कर रही है.
उधर सेना इन आरोपों का खंडन करती है.
हालांकि किसी स्वतंत्र स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन रेडक्रॉस का कहना है कि संघर्ष में 40 नागरिक घायल हुए हैं.
शांति की संभावना क्षीण
संस्था का कहना है कि वह बट्टिकलोआ ज़िले के वकाराई से नागरिकों को निकालने की कोशिशों में लगी हूई है लेकिन संघर्ष के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है.
संस्था का कहना है कि अप्रेल से भड़की हिंसा के बाद से अब तक दो लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं.
इस हिंसा में पिछले महीने शांतिवार्ता विफल होने के बाद से तेज़ी आई है. इस शांति वार्ता के विफल हो जाने से 2002 से चले आ रहे संघर्ष विराम को फिर लागू करने की संभावना भी ख़त्म हो गई थी.
राष्ट्रपति के भाई पर किए गए असफल आत्मघाती हमले के बाद सरकार ने एक कठोर आतंक-विरोधी क़ानून लागू कर दिया है.
उधर तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि सभी तमिलों को स्वतंत्र देश के लिए दबाव बनाना चाहिए.
इससे किसी मध्यमार्गी विकल्प की संभावना ख़त्म ही हो गई है.